भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट में दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई बंद किए जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया गया था। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने उनके आवेदन को खारिज करते हुए उपलब्ध दस्तावेजों के गुण-दोष पर सुनवाई करने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन जनवरी तारीख निर्धारित की है।
गौरतलब है कि आरिफ मसूद के निर्वाचन को चुनौती देते हुए पराजित भाजपा प्रत्याशी ध्रुव नारायण सिंह ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि एसबीआई अशोक नगर शाखा से आरिफ मसूद और उनकी पत्नी के नाम लोन है, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने नामांकन पत्र में नहीं किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार हाईकोर्ट लोन संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
हाईकोर्ट ने तत्कालीन बैंक मैनेजर को गवाही तथा प्रतिपरीक्षण के लिए तलब किया था। तत्कालीन मैनेजर ने हाईकोर्ट को बताया, आरिफ मसूद तथा उनकी पत्नी सहित 40 खाता धारकों के नाम पर बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से एक गिरोह ने धोखाधड़ी से लोन स्वीकृत करवाए थे, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है।
बैंक मैनेजर ने अपने बयान में कहा था कि आरिफ मसूद तथा उनकी पत्नी के नाम पर लोन की प्रविष्टि बैंक रिकॉर्ड में नहीं है और खाते को एनपीए कर दिया गया है। बैंक मैनेजर ने बताया कि उन्हें भ्रमित कर उनसे रिकवरी लेटर पर हस्ताक्षर करवाए गए थे। बैंक ने अधिकृत तौर पर कांग्रेस विधायक तथा उनकी पत्नी को रिकवरी लेटर जारी नहीं किया है।
आवेदन विधायक की तरफ से चुनाव याचिका पर सुनवाई बंद किए जाने का आवेदन पेश किया गया था। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आवेदन खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि दस्तावेज फर्जी व कूटरचित नहीं है। दस्तावेज की गुण-दोष के आधार पर समीक्षा की जाएगी। विधायक आरिफ मसूद की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता तथा याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय मिश्रा उपस्थित हुए।