जबलपुर जिला अदालत के एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश गिरीश दीक्षित की अदालत ने बाइक चोरी के संदेह में युवक की बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने वाले दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों शिवकुमार गौंड और सत्येंद्र पटेल पर ढाई-ढाई हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नविता पिल्ले ने न्यायालय को बताया कि घटना 16 अक्टूबर 2022 की है, जब आरोपी शिवकुमार की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। चोरी का संदेह उन्होंने राकेश गौंड पर किया और उसे लाठी, बेल्ट और साइकिल के टायर से बुरी तरह पीटा। इस हिंसक मारपीट में राकेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद बेलखेड़ा पुलिस ने मामले की जांच कर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया और अदालत में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा साक्ष्यों और गवाहों को पेश किया गया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। अभियोजन पक्ष के साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने शिवकुमार गौंड और सत्येंद्र पटेल को दोषी करार दिया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद विशेष लोक अभियोजक नविता पिल्ले ने कहा कि न्यायालय ने दोषियों के खिलाफ ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह सख्त सजा दी, जिससे यह संदेश जाता है कि कानून के तहत किसी भी प्रकार की हिंसात्मक कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाएगी।