सामूहिक दुष्कर्म कर युवती की हत्या करने के आरोप में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश निशा विश्वकर्मा की अदालत ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपियों को अर्थदंड की सजा भी सुनवाई है।
अभियोजन के अनुसार 16 जनवरी, 2016 को ग्राम कोटवार रामदास ने पुलिस को सूचना दी थी कि ग्राम लम्हेटा के समीप अज्ञात महिला का शव पड़ा है। महिला काले रंग के पैंट व हरे रंग की टी- शर्ट पहने हुए हैं। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाकर प्रकरण को विवेचना में लिया था। महिला की शिनाख्त शहपुरा निवासी युवती के रूप में हुई थी। युवती को विवाह गोटेगांव निवासी दीपेंद्र तिवारी से हुआ था। मंगेतर ने युवती को शादी की खरीदारी के लिए बुलाया था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर बलात्कार व हत्या कर प्रकरण दर्ज किया था।
पुलिस ने मंगेतर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथी अनिल कुमार उर्फ बड्डू दुबे निवासी गोटेगांव, नरसिंहपुर के साथ 15 जनवरी को युवती के जबरदस्ती राजा भइया के खेत में गये थे। दोनों ने युवती के साथ दुराचार किया और अपराध को छुपाने के लिए उसकी गला दबाकर हत्या कर लाश को लम्हेटा गांव में झाड़ियों के बीच फेंक दिया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या व दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश की गई डीएनए रिपोर्ट, साक्ष्य व गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। अभियोजन की तरफ से अपर लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने पक्ष रखा।