तीन घंटे तक थाने में बैठाये रखे,समय पर उपचार नहीं मिलने पर हुई मौत
बेलखेड़ा पुलिस द्वारा घायल को उपचार के लिए भेजने की बजाय तीन घंटे थाने में बैठाए रखने के कारण समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण युवक की मौत हो गयी। युवक थाने के अंदर खून की उल्टी कर रहा था, इसके बावजूद भी पुलिस ने थाने में बैठाए रखा। इतना ही नहीं पत्नी से उल्टी भी साफ करवाई। पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने बेलखेडा थाने के सामने युवक की लाश रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस अधीक्षक ने घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
एसडीओपी पाटन लोकेश डाबर के अनुसार बेलखेडा थानांतर्गत ग्राम पिपरिया कलां निवासी उमेश उर्फ इंदर उम्र 30 साल पर सोमवार की रात चार व्यक्तियों ने लाठी से हमला कर दिया था। युवक ने थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे मुलायजे के लिए भेजा था और चोट गंभीर होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल उपचार के लिए रेफर किया गया था। घायल युवक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार की दोपहर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया था। युवक की उपचार के दौरान दरमियानी रात मौत हो गई।
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थाने में पत्नी से साफ करवाई खून की उल्टी
परिजनों के साथ ग्रामीणों ने घटना के विरोध में बुधवार दोपहर थाने के सामने युवक की लाश रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि युवक के सिर में गंभीर चोट आई थी वह खून की उल्टी कर रखा था। इसके बावजूद भी पुलिस ने उसे उपचार के लिए नहीं भेजते हुए थाने में बैठाए रखा। युवक द्वारा की गई उल्टी उसकी पत्नी से साफ करवाई गई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण युवक की मौत हो गई।