फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur: दिमाग का उपयोग किए बिना जारी किया जिला बदर का आदेश, हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी के साथ खारिज किया

Wed, 02 Aug 2023 10:46 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर हाईकोर्ट ने जिला बदर के एक आदेश को तल्ख टिप्पणी के साथ खारिज कर दिया है। साथ ही कहा है कि इसमें बिना दिमाग का उपयोग किए ही जिला बदर का आदेश जारी किया गया था।
विज्ञापन
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिला बदर के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने पाया कि जिला कलेक्टर ने बिना किसी गवाह को बुलाए सिर्फ पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि आदेश पारित करने में दिमाग का उपयोग नहीं किया गया है। एकलपीठ ने तल्ख टिप्पणी के साथ जिला बदर के आदेश को निरस्त कर दिया।

विज्ञापन


बता दें कि कटनी निवासी हरिभाग सिंह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि पुलिस के प्रतिवेदन के आधार पर जिला कलेक्टर ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उसके खिलाफ तीन सितंबर 2022 को जिला बदर का आदेश जारी किए थे, जिसके खिलाफ उसने संभागायुक्त के समक्ष अपील दायर की थी। संभागायुक्त ने 30 दिसंबर 2022 में उसकी अपील खारिज कर दी, जिसके कारण याचिका दायर की गई है।

याचिका में कहा गया है कि अधिनियम की धारा-5बी में सुनवाई के दौरान गवाह को सुना जाना आवश्यक है। बिना किसी गवाह को बुलाए उसके खिलाफ आदेश जारी किए गए हैं। एकलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अंतिम अपराध मई 2022 में दर्ज हुआ था। प्रत्येक पखवाड़े में थाने में उपस्थिति के आदेश का पालन भी उसके द्वारा नहीं किया गया था। जिला कलेक्टर ने अधिनियम में दिए गए प्रावधानों का पालन नहीं करते हुए सिर्फ पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर आदेश जारी किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें