जबलपुर के खमरिया स्थित सेना की आयुध फैक्टरी में मंगलवार सुबह जबरदस्त धमाका हुआ। धमाके में दो कर्मचारियों की मौत हो गई जबकि 13 गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि हादसा 30 साल पुराने रूसी बम की रिफिलिंग करते समय हुआ। बम फट गया। घटना की जांच की जा रही है।
यह धमाका आयुध निर्माणी खमरिया के एफ-6 अनुभाग में हुआ। मंगलवार सुबह रूसी पेचोरा बम बॉयल्ड आउट करते समय फायर हो गया। जिस समय ब्लास्ट हुआ उस वक्त भवन में लगभग 12 से 15 लोग काम कर रहे थे। सभी लोग घायल हो गए हैं। घायलों को महाकौशल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
जबलपुर के पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे तेज धमाका के साथ ब्लास्ट हुआ। बिल्डिंग में काम कर रहे घायल रणधीर एवं श्याम ठाकुर को एंबुलेंस से इलाज हेतु ओएफके अस्पताल ले जाया गया था। बिल्डिंग में कार्यरत तीसरा व्यक्ति एलेक्जेंडर टोप्पो का सुराग नहीं मिला पाया था। तलाश करने पर फैक्टरी के बाउंड्री वॉल के करीब 300 मीटर के दायरे में अलग-अलग टुकड़ों में उसका शव मिला, जिसके सिर के भाग में बाल एवं कान से उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। उपचार के दौरान रणधीर कुमार ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बम को उबाल कर निकाल रहे थे
पूरे मामले को लेकर आयुध निर्माणी खमरिया से जुड़े अधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि रूसी पेचोरा बम को उबालकर निकाला जा रहा था। यह करीब 30-40 साल पुराना बम है। हम काफी समय से उबालकर निकालने की प्रक्रिया कर रहे थे। विस्फोट वहीं हुआ। धमाके की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
भाप से सफाई के दौरान फटा बम
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैक्टरी की इस बिल्डिंग में नौसेना में उपयोग होने वाले बम की रिफिलिंग की जा रही थी। इस दौरान भाप से बम की सफाई करने के दौरान यह घटना घटित हुई। ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। घटना के बाद फैक्टरी के फायर बिग्रेड तथा सुरक्षाकर्मी राहत व बचाव कर्म में जुट गए थे। उन्होंने ब्लास्ट व मलवे में दबने से घायल कर्मचारियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवा।
मृतकों के नाम
एलेक्जेंडर टोप्पो निवासी तमेरा मोहल्ला घमापुर
रणधीर कुमार की महाकौशल अस्पताल में मौत
घायलों के नाम
कृष्ण पाल, श्यामलाल ठाकुर, चंदन कुमार, कुमार गौतम,
सुनील कुमार, उमेश मौर्य, प्रवीण पटेल का अस्पताल में इलाज जारी है। जबकि रामबिहारी, एसके मंडल, प्रदीप कुमार, राहुल सिंह, नंदकिशोर, रिपू कुमार, साईमन एंथोनी, अभिषेक आनंद को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
खमरिया कारखाने में पूर्व में हुए बड़े हादसे
जनवरी 2002 में ब्लास्ट के कारण बिल्डिंग के परखच्चे उड़े
अप्रैल 2002 में ब्लास्ट के कारण दो कर्मयारियों की मौत
साल 2015 में हुए ब्लास्ट में 13 कर्मचारी हुए थे घायल
साल 2017 में हुए ब्लास्ट में ब्लास्ट के कारण बिल्डिंग के परखच्चे उड़े