नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में कैदियों द्वारा इको फ्रेंडली भगवान गणेश की प्रतिमा का निर्माण किया गया है। प्रतिमा का निर्माण गोबर, मिट्टी और तुलसी के बीज से किया गया है। प्रतिमा निर्माण में वॉटर कलर का उपयोग किया गया है। प्रतिमा निर्माण करने वाले कैदियों को गणेश चतुर्थी के दिन इनाम के साथ सजा में माफी प्रदान की जाएगी।
जेलर मदन कमलेश ने बताया, आजीवन कारावास की सजा से दंडित कांच घर निवासी निक्की नामक कैदी के मार्गदर्शन में 12 कैदियों की टीम ने इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है। कैदियों द्वारा जर्जेस कॉलोनी, जेल के अंदर तथा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के लिए चार बड़ी प्रतिमाओं को निर्माण किया गया है। इसके अलावा 300 छोटी प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है।
कैदियों द्वारा तैयार की गई प्रतिमाएं पूरी तरह से इको फ्रेंडली हैं। प्रतिमाओं का निर्माण गोबर, मिट्टी तथा तुलसी के बीज से किया गया है। केमिकल रंग का उपयोग नहीं किया गया है। वॉटर कलर का उपयोग किया गया है।
कैदियों द्वारा निर्माण प्रतिमा लोगों के घरों तक पहुंच सके, इसके लिए मुख्य गेट के बाहर एक स्टॉल भी लगाया गया है। कैदियों द्वारा निर्माण गणेश प्रतिमाओं की निछावर स्वेच्छा से लेकर आम लोग प्रतिमाओं को लेकर जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन गणेश प्रतिमा का निर्माण करने वाली कैदियों की टीम को जेल अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा और उन्हें सजा में माफी भी प्रदान की जाएगी।