शासकीय जमीन के साथ-साथ सड़क पर अतिक्रमण किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। रीवा नगर निगम ने फोटोग्राफ्स के साथ हाईकोर्ट में सड़क को अतिक्रमण मुक्त किए जाने की जानकारी पेश की। हाईकोर्ट जस्टिस शील नागू तथा जस्टिस वीरेंद्र सिंह की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि रीवा निवासी याचिकाकर्ता रामकिशोर कुशवाह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि झिरइयां मोहल्ला में स्थित शासकीय भूमि पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण है। इतना ही नहीं शासकीय जमीन के अलावा सड़क पर भी अतिक्रमण कर मैरिज गार्डन व तबेला बना लिया गया है। जिसके कारण लोगों का आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम की तरफ से पेश किए गए जवाब में याचिका में लगाए गए आरोपों को गलत बताते कहा था कि किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है। युगलपीठ ने नगर निगम रीवा को स्थल के फोटोग्राफ्स पेश करने के आदेश दिए हैं। आदेश का पालन करते हुए नगर निगम द्वारा फोटोग्राफ्स पेश किए गए। जिसके बाद युगलपीठ ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं पाते हुए खारिज कर दिया।