मध्य प्रदेश में ठंड का असर बरकरार है। हालांकि दिन में ठंडक का अहसास कम हुआ है। हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ी है। अगले दो-तीन दिन मौसम ऐसा ही बने रहने की उम्मीद है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री तो सबसे अधिक 30.4 डिग्री बना रहा। संभावना है कि 25 नवंबर के बाद फिर मौसम बदलेगा और कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। न्यूनतम तापमानों में सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। जबलपुर, सागर संभागों के जिलों में सामान्य से कम तापमान रहा। अगले 24 घंटों में भी मौसम शुष्क बना रहेगा।
प्रदेश के बड़े शहरों का हाल
| शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
| भोपाल |
27.0 |
11 |
| इंदौर |
26.6 |
12 |
| जबलपुर |
27.0 |
9.3 |
| ग्वालियर |
28.5 |
9.8 |
मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो तापमान में मामूली बढ़ोतरी रही। प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। पचमढ़ी में 6.2, नौगांव में 7.5, उमरिया में 8.1, राजगढ़ में 8.6, बैतूल-खजुराहो में 9, छिंदवाड़ा में 9.1, जबलपुर में 9.3, ग्वालियर में 9.8, दतिया में 9.9, मंडला में 10 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
अधिकतम तापमान भी मामूली रूप से उछला है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री को फिर छूने लगा है। प्रदेश में सबसे गर्म दमोह रहा। दमोह में 30.4, गुना-राजगढ़ में 30, खरगोन में 29.5, मंडला में 28.8, ग्वालियर-उज्जैन 28.5, रीवा-सतना में 28.4, उमरिया में 28.3, नर्मदापुरम-शिवपुरी-छिंदवाड़ा में 28 डिग्री अधिकतम तापमान रहा।
मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि हवा की रफ्तार मंद पड़ने से तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। पाकिस्तान और उससे लगे उत्तर भारत पर बना पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ गया है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले दिनों लगातार आए दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से जबर्दस्त बर्फबारी हुई थी। हालांकि मध्य प्रदेश को सीधे प्रभावित करने वाला कोई भी सिस्टम एक्टिव नहीं है। वर्तमान में हवा का रुख भी उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहां से आ रही सर्द हवाओं के कारण राजधानी सहित मध्य प्रदेश के अधिकतर शहरों में सर्दी पड़ रही है।