दरअसल, खितौला थाना क्षेत्र स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में सुबह 8:50 बजे तीन युवक हेलमेट पहनकर पहुंचे। तीन युवकों ने पिस्टल की नोक पर लॉकर में रखा लगभग 15 किलो सोना और 5 लाख रुपये की डकैती डाली। तीनों आरोपी युवकों के दो साथी बाहर मोटरसाइकिल लेकर उनका इंतजार कर रहे थे। करीब 20 मिनट में घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी उन्हीं बाइकों से फरार हो गए थे। घटना के समय फाइनेंस बैंक में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद थे।
जबलपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। बैंक डकैती की वारदात की जांच के लिए बीस से अधिक पुलिस टीमों का गठन किया गया है। आरोपी द्वारा जिस मार्ग का उपयोग किया गया, उसमें लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र कर उनकी जांच की जा रही है। जिले की सभी सीमाओं की नाकाबंदी कर दी गई है। सीसीटीवी से प्राप्त आरोपियों के फोटो अन्य जिला पुलिस को भी भिजवा दिए गए हैं। कटनी में 26 नवंबर 2022 को बरगवां स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन में जिस तरह से डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था, ठीक उसी तरह इस घटना को अंजाम दिया गया है। उस घटना को बिहार की गैंग ने अंजाम दिया था। ऐसे में पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।
गैंग के सदस्यों को रहता है अलग-अलग कार्य
चंबल रेंज के डीआईजी और कटनी के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एसके जैन ने बताया कि कटनी बैंक लूट के आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया गया था। जिसका सरगना सुबोध सिंह था। वह जेल में बैठकर घटना की प्लानिंग करता था। गैंग के सदस्यों को अलग-अलग कार्य सौंपे जाते थे और उनमें से कई लोग आपस में एक-दूसरे को नहीं जानते थे।
बिहार गैंग ऐसे देती है घटना को अंजाम
चंबल रेंज के डीआईजी एसके जैन ने बताया कि कटनी में बैंक डकैती की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को बिहार समेत अन्य क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया था। बिहार गैंग के सदस्य घटना को अंजाम देने के लिए बैंक को चिन्हित करते हुए रेकी करते हैं। जिस क्षेत्र में बैंक है, उसके सीमावर्ती क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज के आधार पर मकान किराए पर लेते हैं। इसके बाद बैंक के बारे में जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद गैंग के दूसरे सदस्य लूट की वारदात को अंजाम देते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद लूट का माल दूसरे सदस्यों को दे देते हैं, जिससे पकड़े जाने पर भी माल बरामद नहीं हो सके। गैंग के सदस्य एक-दूसरे को नहीं जानते हैं, उन्हें काम के अनुसार हिस्सा दिया जाता है। गैंग का सरगना सुबोध सिंह है, जो जेल से घटना की योजना बनाता है।
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कौन है सुबोध सिंह?
सुबोध सिंह 400 किलो से ज्यादा सोने की लूट का आरोपी है, जो बिहार की जेल में बंद रहकर अपनी गैंग के माध्यम से बड़ी-बड़ी लूट और डकैती की वारदात को अंजाम देता है। सुबोध के पास 200 से ज्यादा लोगों की गैंग है, जो उसके इशारे पर कहीं भी कुछ भी कर सकते हैं। देश में अब तक हुई सोने की लूट की 70 प्रतिशत वारदात उसकी गैंग द्वारा की गई हैं। उसकी गैंग ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, चेन्नई, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्यों में जाकर इस तरह की वारदात की हैं।