जबलपुर के गोराबाजार थाना क्षेत्र के बिलहरी में रहने वाले रमेश वाल्मीकि (55) की तीन दिन पहले मृत्यु हो गई, लेकिन उनकी मानसिक रूप से कमजोर पत्नी इसे गहरी नींद समझती रही। जब घर से बदबू आई और मृतक का छोटा भाई वहां पहुंचा तब घटना का पता चला। पुलिस को सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
हार्ट पेशेंट थे रमेश वाल्मीकि
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि रमेश वाल्मीकि छावनी परिषद में सफाई कर्मचारी थे। वे अपनी पत्नी ललिता के साथ किराये के मकान में रहते थे। ललिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और दंपति की कोई संतान नहीं थी। रमेश पिछले कुछ समय से हृदय रोग से पीड़ित थे।
12 फरवरी से थे लापता, 3 दिन तक नहीं हुआ कोई संपर्क
रमेश 12 फरवरी को ड्यूटी से लौटकर घर आए और सो गए। इसके बाद तीन दिनों तक किसी से उनका संपर्क नहीं हुआ। छोटे भाई ने कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। जब उन्होंने साथी कर्मचारियों से पूछा, तो पता चला कि रमेश 13 फरवरी को ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे।
छोटे भाई ने पहुंचकर दी पुलिस को सूचना
रविवार शाम को छोटा भाई घर पहुंचा और भाभी ललिता से रमेश के बारे में पूछा। ललिता ने बताया कि वह तीन दिनों से सो रहे हैं। जब भाई ने रमेश को उठाने की कोशिश की, तो देखा कि उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।