हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने जन्म तिथि से एक वर्ष पहले खींची गई फोटो के मामले की जांच के आदेश पुलिस अधीक्षक मऊगंज को दिए हैं। यह मामला पास्को और बलात्कार के आरोप में जेल में निरुद्ध मऊगंज निवासी मेहंदी हसन की जमानत याचिका के दौरान सामने आया।
याचिका में कहा गया था कि मेहंदी हसन अक्टूबर 2024 से न्यायिक अभिरक्षा में है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार मामला दर्ज हुआ, जबकि दोनों तीसरी से छठी कक्षा तक साथ पढ़े थे। याचिकाकर्ता की उम्र 26 वर्ष बताई गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने पीड़िता की कक्षा आठवीं की अंकसूची पेश की, जिसमें जन्म तिथि 3 मई 2004 दर्ज थी। लेकिन, उस पर चस्पा फोटो खींचने की तारीख 10 जुलाई 2003 अंकित थी, जो उसके जन्म से एक साल पहले की है।
मऊगंज थाने की विवेचना अधिकारी प्रज्ञा पटेल ने कोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि पीड़िता ने कभी भी उक्त स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश नहीं लिया। उन्होंने स्कूल रिकॉर्ड जब्त करने के लिए समय मांगा। सरकारी अधिवक्ता ने 2011 का प्रवेश-पत्र प्रस्तुत किया, जबकि पिछली सुनवाई में कहा गया था कि यह रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने बिना अधिकारिक अनुमति के प्रवेश-पत्र रिकॉर्ड में शामिल करने पर सवाल उठाया।
एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए कि जन्म से एक साल पहले की फोटो कैसे खींची गई और मार्कशीट में चस्पा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी को भी स्कूल से इस संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। याचिका पर अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस. के. कश्यप ने पैरवी की।