मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हनीट्रैप में फंसाने के नाम पर करीब पौने दो करोड़ रुपये की उगाही किए जाने की आरोपी महिला को अग्रिम जमानत देने से साफ इंकार कर दिया। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि निचली अदालत आरोपी आवेदिका को फरार घोषित कर चुकी है। जांच और रिकवरी के लिए आरोपी की हिरासत जरूरी है।
सुनवाई के दौरान आरोपी महिला न्यायालय में उपस्थित थी, जिसके बाद एकलपीठ ने प्रिंसिपल रजिस्ट्रार जुडिशियल को निर्देशित किया कि वे आवेदिका को पुलिस के सुपुर्द करें। प्रकरण के अनुसार, आरोपी महिला मूलत: रायपुर छत्तीसगढ़ की निवासी है, जिसके खिलाफ कटनी के माधवनगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराइ गई है। मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि आवेदिका और उसके पति ने हनीट्रैप में फंसाने की धमकी देकर उससे एक करोड़ 78 लाख 67 हजार रुपये हड़पे हैं।
वहीं, आवेदिका ने भी शिकायतकर्ता के खिलाफ रायपुर में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई है। आवेदिका की ओर से कहा गया कि उसके खिलाफ झूठी शिकायत की गई है। वहीं, आपत्तिकर्ता और शासन की ओर से न्यायालय में दस्तावेज पेशकर बताया गया कि शिकायतकर्ता ने आवेदिका और उसके पति के बैंक खातों में उक्त राशि जमा की है। मामले में कहा गया कि निचली अदालत से आवेदिका फरार घोषित हो चुकी है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।