प्रदेश में हेलमेट को लेकर सख्ती नहीं बरती जाती।
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हेलमेट नहीं लगाने के कारण सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि मोटर व्हीकल एक्ट में हेलमेट लगाकर दो पहिया वाहन चलाने का प्रावधान है, जिसका सख्ती से पालन नहीं किया जाता है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन सवारों के सिर में हेलमेट होना चाहिए। लोगों की जान से नहीं खेल सकते। अगली सुनवाई दिसंबर के पहले सप्ताह में होगी।
बता दें कि लॉ स्टूडेंट ऐश्वर्या शांडिल्य की तरफ से सड़क दुर्घटना में हुई दो व्यक्तियों की मौत का हवाला देते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस के निर्देश पर उक्त याचिका सुनवाई के लिए मुख्यपीठ में स्थानांतरित की गई थी। याचिका में कहा गया था कि दुर्घटना के समय दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाए होते तो उनकी मौत नहीं होती। अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से सिर में चोट आने के कारण दो पहिया वाहन सवारों की मौत होती है।