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MP: विधायक संजय पाठक को व्यक्तिगत उपस्थिति की छूट प्रदान करने से हाईकोर्ट का इंकार, जज को फोन लगाने का मामला

Thu, 14 May 2026 10:42 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मप्र हाईकोर्ट में भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़े आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई हुई। युगलपीठ ने उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने से इनकार कर दिया। विधायक ने बिना शर्त माफी मांगी है। मामला न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप और जज से संपर्क के आरोपों से जुड़ा है। अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। 

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मप्र हाईकोर्ट
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विस्तार
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान भाजपा विधायक संजय पाठक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। याचिका की सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की तरफ से व्यक्तिगत उपस्थिति की छूट प्राप्त करने युगलपीठ से आग्रह किया गया। युगलपीठ ने आग्रह को अस्वीकार कर दिया। समय अभाव के कारण अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की गई है।

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गौरतलब है कि कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि विधायक संजय पाठक से संबंधित कंपनी के खिलाफ अवैध उत्खनन के मामले में हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को सुनवाई से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट जस्टिस ने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। इसके कारण वे सुनवाई से खुद को अलग कर रहे हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा ने निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर चीफ जस्टिस के समक्ष भेजने का निर्देश भी दिया था।

याचिका में कहा गया था कि विधायक का यह कृत्य न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने तथा गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप करना आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को याचिका का निराकरण करते हुए मामले को संज्ञान में लेते हुए भाजपा विधायक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश जारी किए थे।
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अवमानना याचिका पर हुई पिछली सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की तरफ से पेश किए गए हलफनामा में गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांगी गई थी। उनकी तरफ से तर्क दिया गया कि आपराधिक अवमानना में तब दंड का प्रावधान है, जब गलती अक्षम हो या संबंधित व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार नहीं करे। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी द्वारा इस मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी। युगलपीठ ने हलफनामा को रिकॉर्ड में लेते हुए विधायक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।
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आदेश का परिपालन करते हुए पिछली सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक व्यक्तिगत रूप से युगलपीठ के समक्ष उपस्थित हुए। उनकी तरफ से गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांगी गई। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद भाजपा विधायक को अगली सुनवाई के दौरान भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश जारी किए थे। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने समय अभाव के कारण याचिका पर अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित करते हुए विधायक संजय पाठक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश जारी किए हैं।

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