मध्यप्रदेश में लोकायुक्त टीम के द्वारा ट्रैप में पकड़े जाने के बाद दंडात्मक कार्यवाही करते हुए स्थानांतरण किए जाने के खिलाफ एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता प्रभारी प्राचार्य के स्थानांतरण पर हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी ने स्थगन आदेश जारी किये हैं।
रीवा निवासी याचिकाकर्ता विद्याचरण अहिरवार प्रभारी प्राचार्य शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पुरौना की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि उसके खिलाफ आरोप है कि लोकायुक्त की टीम ने उसे एक हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ ट्रैप किया था। ट्रैप होने के बाद आयुक्त लोक शिक्षण के द्वारा ट्रांसफर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पुरौना रीवा से शासकीय हाईस्कूल से. स्कूल पिपराही जिला मऊगंज कर दिया गया। याचिका में कहा गया था कि उसका स्थानांतरण दंडात्मक प्रकिया के तहत किया गया है।
याचिकाकर्ता की तर्क प्रस्तुत उसके खिलाफ आरेाप प्रमाणित नहीं है। इसके बावजूद भी उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करते हुए स्थानांतरण करना अनुचित है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने स्थानांतरण पर स्थगन आदेश जारी करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पैरवी की।