होमगार्ड सैनिकों को तीन साल में दो माह के लिए ड्यूटी से कॉल ऑफ करने के नए नियम को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने नए आदेश के परिपालन पर स्थगन आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि याचिकाकर्ता होमगॉर्ड सैनिक विनोद कुमार शर्मा सहित अन्य 14 की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि पूर्व में होमगार्ड सैनिकों को साल में दो माह जबरदस्ती डयूटी से कॉलऑफ कर दिया जाता था। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने साल 2010 में डयूटी से कॉलऑफ करने की प्रणाली को समाप्त करते हुए सरकार को नए नियम बनाने के निर्देश दिए थे। जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने अपील दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए पूर्व आदेश को यथावत रखा था।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को यथावत रखा था। राज्य सरकार द्वारा साल 2016 में नए नियम बनाते हुए कॉलऑफ प्रणाली को लागू रखा था। जिसके खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई को हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किए थे। राज्य सरकार द्वारा सितंबर 2022 में नियमों को संशोधन कर होमगॉर्ड सैनिकों को तीन साल में दो माह डयूटी से कॉलऑफ करने के आदेश जारी किए थे। जिसके खिलाफ उक्त याचिका दायर की गई थी। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद स्थगन आदेश जारी करते हुए याचिका पर अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता विकास महावर ने पैरवी की।