रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर युवक ने खुद को आग लगा ली थी और झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग करते हुए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। सरकार की ओर से यह जानकारी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ के समक्ष पेश की गई। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका का निराकरण कर दिया।
भोपाल के अशोका गार्डन निवासी आदिल खान की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया कि उसकी कबाड़ की दुकान है। 9 सितंबर 2024 को रोहित जोगी नामक युवक दुकान पर आया और पैसे की मांग करने लगा। रुपये देने से इंकार करने पर युवक ने खुद को आग लगा ली। इसके बाद उसके खिलाफ पिपलानी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। पुलिस ने तथ्यों का परीक्षण किए बिना उसी दिन उसे आरोपी बना कर गिरफ्तार कर लिया। याचिकाकर्ता ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी पेश की थी।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखने के बाद हाईकोर्ट ने युवक को जमानत देते हुए शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करने की रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए। इसके अलावा, पीड़ित ने दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग करते हुए दूसरी याचिका भी प्रस्तुत की थी। दोनों याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से रिपोर्ट में बताया गया कि रोहित जोगी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग करते हुए संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद दोनों याचिकाओं का निराकरण कर दिया।