मध्यप्रदेश के जबलपुर में कृषि उत्पादकों की फर्जी कंपनी बनाकर किसानों से निवेश के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी द्वारा सिवनी और जबलपुर में एक दर्जन लोगों से लगभग 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
माढ़ोताल थाना प्रभारी रीना पांडे के अनुसार, सुरतलाई स्थित पेट्रोल पंप संचानक विवेक पुरी गोस्वामी (28) से शिवांश पांडे नामक युवक नेशनल एग्री बिजनेस कंपनी के कर्मचारी के रूप में मिला था। उसने पंट्रोल पंप संचालक को कृषि उत्पादक की डीलरशिप का ऑफर दिया था। कर्मचारी ने पेट्रोल पंप संचालक को कंपनी के संचालक रत्नेश सिंह से मिलवाया था। डीलरशिप के लिए पेट्रोल पंप संचालक से गारंटी के तौर पर नकद और चेक के माध्यम से पांच लाख रुपये लिए गए थे। इसके बाद 13 लाख रुपये का माल भिजवाने के नाम पर पांच लाख रुपये लिए गए थे। रुपये लेने के बाद कोई माल नहीं भेजे जाने पर पीड़ित पेट्रोल पंप संचालक ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
जांच में कंपनी फर्जी पाई गई और संचालक बने रत्नेश सिंह का असली नाम सूरज तिवारी (28) निवासी गोरखपुर उत्तर निकला। पुलिस ने आरोपी को रीवा से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में यह बात में सामने आई है कि आरोपी युवक ने इसी प्रकार से पनागर निवासी आनंद पटेल से चार लाख, सुहानी निवासी अतुल दुबे से पांच लाख, धूमा जिला सिवनी निवासी सतीश यादव से डेढ़ लाख, उडना निवासी रोहित शर्मा से पांच लाख, आनंद सिंह से एक लाख, शहपुरा निवासी मनमोहन दुबे से डेढ़ लाख, विजय लक्ष्मी से डेढ़ लाख, मझोली निवासी विजय साहू से डेढ़ लाख, धूमा जिला सिवनी निवासी रुद्री मिश्रा से 16 लाख और धनौरा जिला सिवनी निवासी अजय मिश्रा से आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने आरोपी के पास से 25 लाख 70 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस आरोपी को रिमांड में लेकर उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।