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Jabalpur News: नियुक्ति से पहले के मामले में आरोपी बनी पटवारी को राहत, हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

Wed, 01 Apr 2026 10:31 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर में हाईकोर्ट ने महिला पटवारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि 2018 के सीमांकन मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, क्योंकि 2021 में ही नियुक्ति हुई थी, कार्रवाई कानून का दुरुपयोग थी।

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जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नियुक्ति से तीन साल पहले हुए सीमांकन मामले में आरोपी बनाए जाने के खिलाफ एक महिला पटवारी को बड़ी राहत मिली है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस बी.पी. शर्मा की एकलपीठ ने मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है।

याचिकाकर्ता कुमारी राजनंदिनी मिश्रा ने अपनी याचिका में बताया कि उनके भाई का वर्ष 2021 में निधन हो गया था, जिसके बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मार्च 2022 में उनकी पदस्थापना कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम भेड़ा में पटवारी के रूप में हुई।

मामला ग्राम की एक जमीन से जुड़ा है, जो नरेंद्र जैन के नाम पर दर्ज थी। वर्ष 2016 में उनकी मृत्यु के बाद जमीन उनके वारिसों के नाम दर्ज हो गई थी। इसके बाद एक निजी व्यक्ति ने सीमांकन के लिए आवेदन दिया। राजस्व विभाग ने नोटिस जारी किया, लेकिन यह नोटिस मृत व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया। सुनवाई के दौरान अनुपस्थिति के आधार पर नरेंद्र जैन को अवैध कब्जाधारी घोषित कर दिया गया।

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इस कार्रवाई के खिलाफ उनके वारिसों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें राजस्व अधिकारियों और निजी व्यक्ति पर मिलीभगत के आरोप लगाए गए। कोर्ट ने मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए।

इसके तहत स्लीमनाबाद पुलिस ने मई 2025 में कुमारी राजनंदिनी मिश्रा सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। याचिकाकर्ता ने इसे चुनौती देते हुए कहा कि 2018 में हुए सीमांकन कार्य में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, क्योंकि उस समय वे शासकीय सेवा में भी नहीं थीं।

कोर्ट ने दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता को घटना से जोड़ना अनुचित है। एकलपीठ ने कहा कि इस स्थिति में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसी आधार पर कोर्ट ने महिला पटवारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के आदेश जारी किए।

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