नौ साल पूर्व राशि आवंटित होने के बावजूद नेता जी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए उपकरण नहीं खरीदे जाने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव तथा मप्र लोक स्वास्थ्य सेवा निगम के एमडी याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने युगलपीठ को बताया कि आमंत्रित टेंडर आगामी 6 मई को खोले जाएंगे। युगलपीठ ने अपने आदेश में उक्त टेंडर में जितने भी प्रतिभागी शामिल हों, अंतिम निर्णय लिया जाए।
जबलपुर निवासी अधिवक्ता विकास महावर की तरफ से दायर याचिका में जबलपुर मेडिकल कॉलेज के कैंसर इंस्टीट्यूट में अनियमितता तथा संसाधन के आभाव को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया कि इस कारण कैंसर पीड़ितों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा, जो उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए उपकरण खरीदने साल 2016 में 84 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे। राशि आवंटित होने के बावजूद अब तक उपकरणों की खरीदी नहीं हुई है।
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पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया था कि तकनीकि कारण से दो-तीन बार टेंडर प्रक्रिया को निरस्त किया गया है। उपकरण खरीदी मप्र लोक सेवा स्वास्थ्य निगम के द्वारा की जानी है। युगलपीठ ने मप्र लोक सेवा स्वास्थ्य निगम के एमडी को अनावेदक बनाने के निर्देश याचिकाकर्ता को दिए थे। टेंडर किन कारणों से निरस्त किये गये थे, इस संबंध में जानकारी प्रदान करने लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव मप्र लोक सेवा स्वास्थ्य निगम के एमडी को युगलपीठ ने व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया था।
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याचिका की सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर युगलपीठ को बताया कि पूर्व में जारी टेंडर में एक-दो प्रतिभागी ने हिस्सा लिया था। जिसके कारण उन्हें निरस्त किया गया है। तकनीकी बोली 29 अप्रैल को खोली जानी है, जिसमें जबलपुर केन्द्र के लिए उपकरण एवं मशीन भी जोड़ दी गई है। लोक स्वास्थ्य सेवा निगम के प्रबंध निदेशक की तरफ से बताया गया कि टेंडर 6 मई को खोलना संभव हो पाएगा। युगल पीठ ने सुनवाई के बाद अपने आदेश में उक्त बोली में अंतिम निर्णय लेने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 13 मई को निर्धारित की गई है।