जबलपुर में नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार में लिप्त तीन आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई है। विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश शशि भूषण शर्मा की अदालत ने एसएन फार्मा के संचालक नीरज परियानी और उसके सहयोगी राजू उर्फ राकेश विश्वकर्मा व शाहनवाज खान को 15-15 साल की कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया।
मामले की शुरुआत
अपर लोक अभियोजक अरविंद जैन ने अदालत को बताया कि 28 जुलाई 2023 को कोतवाली पुलिस ने गोपाल बाग तलैया के पास मुखबिर की सूचना पर छापा मारा। इस दौरान घमापुर लालमाटी निवासी 20 वर्षीय राजू उर्फ राकेश को हिरासत में लिया गया। तलाशी में उसके पास से प्रतिबंधित नशीली दवाइयां व इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि एसएन फार्मा के संचालक नीरज परियानी उसे ये इंजेक्शन बेचने के लिए देता था और इसके बदले हर माह ₹30,000 भुगतान करता था।
गोदाम से भारी मात्रा में बरामदगी
नीरज परियानी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आनंद नगर स्थित किराए के मकान में छापा मारा। यहां से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन, जिनमें पकवैल, ब्यूपिन, ब्यूप्रेनोफिन शामिल थे, बरामद किए गए। इस कार्रवाई में तीसरे आरोपी शाहनवाज खान को भी हिरासत में लिया गया।
सजा और कार्रवाई
अदालत ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और बरामद सामग्रियों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। इन्हें 15 साल के कठोर कारावास के साथ ₹2 लाख का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्त संदेश देने वाली मानी जा रही है।