प्रदेश में चल रही स्टेज कैरिज और पर्यटक बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्ती बढ़ने के संकेत मिले हैं। बसों में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम न होने को गंभीर लापरवाही माना गया है। खासतौर पर वातानुकूलित, गैर-वातानुकूलित लग्जरी और स्लीपर बसों में बायीं ओर दो दरवाजे और एक अतिरिक्त आपातकालीन द्वार का अभाव सामने आया है, जिससे हादसों के दौरान जान-माल का खतरा बढ़ जाता है।
मोटर वाहन नियम का हो रहा उल्लंघन
जानकारी के अनुसार, कई बसों में बायीं तरफ दो दरवाजे नहीं हैं और इसके बावजूद परमिट जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में मोटर वाहन नियम, मध्य प्रदेश के नियम 164 का व्यापक उल्लंघन हो रहा है। इस नियम के तहत हर बस में बायीं ओर दो दरवाजे एक प्रवेश और एक निकास के लिए और दाईं या पीछे की ओर एक आपातकालीन द्वार होना अनिवार्य है।
मामले में अगली सुनाई 27 अप्रैल को
इसी मुद्दे पर सुनवाई के दौरान जबलपुर हाईकोर्ट ने भी सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर नाराजगी जताते हुए इसे खेदजनक स्थिति बताया। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों का संचालन 45 दिनों के भीतर बंद किया जाए। साथ ही आरटीओ को जांच कर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने और परिवहन विभाग को उठाए गए कदमों की जानकारी शपथ पत्र के जरिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है।
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बस ऑपरेटर को लगा झटका
मामला मंडला निवासी बस ऑपरेटर राम मिलन राय की याचिका से जुड़ा है, जिसमें राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण (एसटीएटी) द्वारा परमिट निरस्त किए जाने को चुनौती दी गई थी। सुनवाई में यह भी सामने आया कि संबंधित बस में सीटों की संख्या निर्धारित मानक से कम थी और उसमें आवश्यक दरवाजों की व्यवस्था भी नहीं थी। ऐसी स्थिति में नियमों का उल्लंघन मानते हुए परमिट रद्द करना उचित ठहराया गया।