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Bhopal Gas Tragedy: हाईकोर्ट सख्त, कहा- आदेश का परिपालन नहीं किया तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें

Mon, 22 Aug 2022 11:26 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

भोपाल गैस त्रासदी के संबंध में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार को फटकार लगाई। कहा है कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की जाएगी। अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। 
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल गैस त्रासदी के संबंध में दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस शील नागू व जस्टिस वीरेन्द्र सिंह की युगलपीठ ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाई। युगलपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित 20 निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए त्रासदी पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश जारी किए थे। इन बिंदुओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर मॉनिटरिंग कमेटी का गठित करने के निर्देश भी जारी किए थे। मॉनिटरिंग कमेटी को प्रत्येक तीन माह में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने तथा रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश भी जारी किए थे। इसके बाद उक्त याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही थी। 

याचिका के लंबित रहने के दौरान मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाओं का परिपालन नहीं किए जाने के खिलाफ भी अवमानना याचिका दायर की गई थी। अवमानना याचिका में कहा गया था कि गैस त्रासदी के पीड़ित व्यक्तियों के हेल्थ कार्ड तक नहीं बने हैं। अस्पतालों में आवश्यकता अनुसार उपकरण व दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। बीएमएचआरसी के भर्ती नियम का निर्धारण नहीं होने के कारण डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ स्थाई तौर पर अपनी सेवाएं प्रदान नहीं करते हैं। 
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अवमानना याचिका में केन्द्रीय परिवार कल्याण विभाग के सचिव रंजन भूषण, केन्द्रीय रसायन व उर्वरक विभाग के सचिव आरती आहूजा, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, भोपाल गैस त्रासदी सहायता एव पुनर्वास विभाग के सचिव मोहम्मद सुलेमान, आईसीएमआर के सीनियर डिप्टी डायरेक्टर आर राम तथा बीएमएसआरसी के संचालक डॉ. प्रभा तथा एनआईआरई के संचालक राजनारायण तिवारी को अनावेदक बनाया गया था।

याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग कमेटी ने अपनी त्रैमासिक रिपोर्ट पेश की। हाईकोर्ट ने केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाओं पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर की। युगलपीठ ने उक्त तल्ख टिप्पणी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 1 सितंबर को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता काशीराम पटैल उपस्थित हुए।
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