फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरगी डैम हादसा: गर्दन तक पानी, ठंड से कंपकंपाता शरीर और थमने को थीं सांसें; कैसे मौत के मुंह से बाहर आए रियाज?

Fri, 01 May 2026 03:06 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

Jabalpur Bargi Dam cruise accident: जबलपुर के बरगी डैम हादसे में रियाज हुसैन चार घंटे गर्दन तक पानी में कैसे जिंदा रहे? रेस्क्यू टीम की आवाज सुनकर गैस कटर से उन तक कैसे पहुंची? उनकी पत्नी और समधन के लापता होने पर क्या अपडेट है? आइए जानते हैं। 

विज्ञापन
रियाज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जबलपुर के बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे ने कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल दिया। इस दर्दनाक घटना में 72 वर्षीय रियाज हुसैन इसी का एक हिस्सा है। रियाज ने मौत को बेहद करीब से महसूस किया। डूबते हुए क्रूज के भीतर वह करीब चार घंटे तक गर्दन तक पानी में फंसे रहे और जिंदगी से जूझते रहे।

विज्ञापन

रियाज भी परिवार के साथ घूमने गए थे
गुरुवार शाम जब क्रूज नर्मदा नदी के बैकवाटर में पहुंचा, तभी मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और ऊंची लहरों ने कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू कर दिए। क्रूज डगमगाने लगा और देखते ही देखते उसमें पानी भरने लगा। यात्रियों में अफरातफरी मच गई, कोई लाइफ जैकेट ढूंढ रहा था तो कोई अपने परिवार को संभालने में लगा था। रियाज हुसैन भी अपने परिवार के साथ इस यात्रा पर निकले थे, लेकिन यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे भयावह अनुभव बन गया। जब क्रूज डूबने लगा, तब उन्होंने खुद को संभालते हुए एक ऐसे हिस्से पर जगह बना ली जो अभी पानी से थोड़ा ऊपर था। धीरे-धीरे पानी बढ़ता गया और उनकी गर्दन तक पहुंच गया।

कैसे था वो मंजर?
चारों ओर अंधेरा, ठंडा पानी और लहरों की डरावनी आवाजों के बीच रियाज को हर पल मौत सामने नजर आ रही थी। शरीर ठंड से कांप रहा था और सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। उन्हें लगा कि अब बचना नामुमकिन है। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। करीब चार घंटे तक उसी स्थिति में डटे रहे। तभी अचानक उन्हें बाहर से लोगों की आवाजें सुनाई दीं। यह आवाजें उनके लिए उम्मीद की किरण बन गईं। उन्होंने पूरी ताकत से क्रूज की दीवारों पर हाथ मारना शुरू किया।

 

आवाज सुनकर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने गैस कटर की मदद से क्रूज का ऊपरी हिस्सा काटा और रियाज को सुरक्षित बाहर निकाला। यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। हालांकि, इस राहत के बीच उनका दर्द कम नहीं हुआ है। हादसे के बाद से उनकी पत्नी और समधन अब भी लापता हैं। एक ओर जिंदगी बचने की राहत है, तो दूसरी ओर अपनों की चिंता उन्हें भीतर तक तोड़ रही है। इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।



पढे़ं: धार और जबलपुर में हादसों ने खोली सिस्टम की पोल, जानें कैसे हुईं इतनी मौतें
 
विज्ञापन

कैसी घटी घटना?
दरअसल, जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के मुताबिक, 6 लोग अभी लापता हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 43 पर्यटक सवार थे।  हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें