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Jabalpur News: हैदराबाद से लाए गए घोड़ों की मौत के मामले में दर्ज हुई एफआईआर, सरकार ने कोर्ट में पेश की रिपोर्ट

Mon, 13 Oct 2025 10:28 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत को लेकर दायर जनहित याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने सुनवाई की। सरकार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। याचिका पर अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। अब तक 18 घोड़ों की मौत की जानकारी सामने आई है, जांच जारी है।
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मप्र हाईकोर्ट
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विस्तार
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जबलपुर। हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले में मप्र हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ को सरकार की तरफ से बताया गया कि घोड़ों की मौत के मामले ने पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

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याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि याचिका पर दिल्ली की वरिष्ठ अधिवक्ता रीतिका गोयल पक्ष प्रस्तुत करेंगी। इसके लिए समय प्रदान किया जाए। युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 11 नवंबर को निर्धारित की गई है। जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि हैदराबाद निवासी सुरेश पाल गुडू हॉर्स पावर लीग के सूत्रधार हैं। हैदराबाद रेस क्लब में घोड़ों की रेस करवाकर उन्होंने ट्रोपंग करेठस्ता नाम एप के माध्यम से फिलीपिंस में ऑनलाइन स्ट्रीमिंग करते हुए सट्टा लगवाया।
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इस संबंध में फिलीपिंस सरकार ने केंद्र सरकार से शिकायत की थी। शिकायत के बाद उन्होंने इसे बंद कर दिया था। सुरेश पाल गुडू के पास 150 से अधिक घोड़े थे और उन्होंने चार माह पूर्व कर्मचारियों के वेतन देना बंद कर दिया था। भोजन नहीं मिलने के कारण लगभग 90 घोड़ों की मौत हो गई थी। साक्ष्य छिपाने के लिए घोड़ों को नियम विरुद्ध तरीके से जबलपुर लाकर सचिन तिवारी द्वारा पनागर के रैपुरा में रखा गया है। देखरेख तथा भोजन व उपचार नहीं मिलने के कारण घोड़ों की मौत हो रही है।
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57 घोड़े जबलपुर लाए थे, 12 की मौत हुई
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया था कि हैदराबाद से 57 घोड़े जबलपुर लाए गए थे। इसमें से 12 घोड़ों की मौत हो गई है। जबकि याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि अभी तक 18 घोड़ों की मौत हुई है। रास्ते में लाते समय 6 घोड़ों की मौत हो गई थी। युगलपीठ के निर्देश पर जिला कलेक्टर तथा घोड़े के केयर टेकर संजय तिवारी की तरफ से हलफनामे के साथ घोड़ों की मौत के कारण, उपचाररत घोड़े की मेडिकल रिपोर्ट तथा उसके उपचार तथा भोजन व्यवस्था के संबंध में जानकारी पेश की थी।

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