जबलपुर में एआई टेक्नोलॉजी से सुलझा मामला
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जबलपुर में पनागर थाना क्षेत्र में मिली महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी (AI) की मदद से अंधी हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। आरोपी ने पेंशन की राशि और एक एकड़ जमीन हथियाने के लालच में अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने पत्थर से महिला का चेहरा बुरी तरह कुचल दिया और लाश को खेत में दफना दिया था। एआई की मदद से मृतका का चेहरा पुनर्निर्मित किया गया, जिसके आधार पर उसकी पहचान हुई और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) जितेन्द्र सिंह के अनुसार, 16 नवंबर की सुबह ग्राम नरगवां स्थित एक खेत में दफनाई गई महिला की लाश मिली थी। शव इस तरह दफनाया गया था कि केवल पैर ही बाहर दिखाई दे रहे थे। महिला का चेहरा पत्थर से कुचलकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की।
एआई टेक्नोलॉजी से महिला का चेहरा तैयार करवाया गया, जिसके बाद उसकी पहचान ग्राम निभौरा निवासी 58 वर्षीय फूलबाई पति स्व. रिखी राम केवट के रूप में हुई। मृतका के दो बेटे और दो बेटियां हैं। वह अक्सर कभी बेटों, कभी बेटियों या अन्य रिश्तेदारों के यहां जाकर रहती थी। पिछले एक महीने से वह अपने रिश्ते में लगने वाले भतीजे तुलसी केवट (42 वर्ष), निवासी सुभाष वार्ड पनागर, के पास रह रही थी।
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पुलिस ने संदेह के आधार पर भतीजे तुलसी केवट को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने बड़ी मां की हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह बड़ी मां की सेवा इस उम्मीद में कर रहा था कि वह अपनी पेंशन राशि और एक एकड़ जमीन उसी के नाम कर देंगी, लेकिन फूलबाई ने मना कर दिया। 14 नवंबर को वह अपने बड़े बेटे के घर चली गई थी। इसी नाराजगी में आरोपी ने रास्ते में उनका पीछा कर उन्हें रोक लिया और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान मिटाने के लिए पत्थर से उनका चेहरा और सिर कुचल दिया तथा शव को खेत में दफना दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।