बैलगाडी सहित नहर में गिरे किसान ने बैलों को बचाकर गंवाई जान
बैलगाड़ी सहित किसान बैल बिदकने के कारण नहर में गिर गए। बैलगाड़ी के नहर में गिरने के बाद किसान ने जान जोखिम में डालते हुए बैलों को खोल दिया। बैलगाड़ी से खुलने के बाद बैल तो किनारे लग गए, परंतु किसान की नहर में डूबने से मौत हो गई। तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद किसान के शव को बाहर निकाला गया।
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एसडीओपी वारासिवनी अभिषेक चौधरी के अनुसार रामपायली थानान्तर्गत ग्राम दैतबर्रा निवासी 65 वर्षीय वृद्ध किसान धनसिंह पिता दशरथ मसराम रविवार सुबह घर से बैलगाड़ी में दो बोरी खाद रखकर खेत जा रहे थे। गर्राबोड़ी से चिखलाबांध की ओर जाने वाली राजीव सागर नहर की साइड रोड जाने के दौरान किन्ही कारणों वश अचानक बैल बिदक गए और सीधे करीब 40 फीट गहरी नहर में बैलगाड़ी सहित गिर गए। वृद्ध किसान ने नहर में गिरने के बावजूद भी जान जोखिम में डालते हुए बैलगाड़ी में सवार में बंधे बैलों गले से फंदे को खोल दिया। फंदा खुलने के बाद दोनों बैल नहर के बाहर निकल आए। वृद्ध किसान ने नहर से बाहर निकलने का प्रयास किया परंतु गहरे पानी में डूब गया।
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परिजनों व गांव वालों ने घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों द्वारा रामपायली पुलिस को सूचित किया गया। नहर में अधिक पानी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए होमगार्ड एवं एसडीआरएफ टीम बुलाई गई। टीम के पहुंचने के बाद पूर्वान्ह 11 बजे ऑपरेशन प्रारंभ किया था। तीन घंटे की कड़ी मेहनत से टीम ने शव को नहर से बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही के बाद शव को पोसटमार्टम के लिए भिजवाने के बाद मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया है।