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Jabalpur: 55 संस्थानों से वसूले गए 7.87 करोड़, पैरा मेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले मामले सरकार ने पेश की रिपोर्ट

Wed, 10 May 2023 08:44 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

याचिका में बताया गया कि साल 2009 से 2015 के बीच हुए प्रदेश के सैकड़ों पैरा मेडिकल कॉलेज ने छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया था। पैरा मेडिकल कॉलेज संचालकों ने फर्जी छात्रों को प्रवेश दर्शाकर सरकार से करोड़ों रुपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्राप्त की थी। 
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कॉलेज संचालकों से पैरा मेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले की राशि नहीं वसूले जाने के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश कर दी है। याचिका की सुनवाई के दौरान बुधवार को सरकार की तरफ से बताया गया कि अभी तक 55 संस्थानों से 7 करोड़ 87 लाख रुपये की वसूली की गई है। 
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हाईकोर्ट में इंदौर खंडपीठ से स्थानातंरित होकर आई याचिकाओं की सुनवाई संयुक्त रूप से की गई। इंदौर खंडपीठ से राशि की वसूली पर मिले स्थगन आदेश को चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने सशर्त बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता संस्थाओं को 50 प्रतिशत राशि जिला कलेक्टर के पास जमा करनी होगी, जो याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रहेगी।

बता दें कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की तरफ से दायर की गई याचिका में बताया गया कि साल 2009 से 2015 के बीच हुए प्रदेश के सैकड़ों पैरा मेडिकल कॉलेज ने छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया था। पैरा मेडिकल कॉलेज संचालकों ने फर्जी छात्रों को प्रवेश दर्शाकर सरकार से करोड़ों रुपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्राप्त की थी। घोटाले के संबंध में प्रदेश सरकार की जांच में आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद सरकार की तरफ से उक्त कॉलेज से राशि वसूलने का निर्णय लिया गया था।
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याचिका में कहा गया था कि राज्य शासन द्वारा छात्रवृत्ति घोटाले करने वाले कॉलेज से राशि वसूलने किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया था कि कई अवसर प्रदान करने के बावजूद भी सरकार की तरफ से जवाब पेश नहीं किया गया है। युगलपीठ ने 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाते हुए सरकार को जवाब पेश करने के लिए अंतिम समय प्रदान किया था। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश किए गए जवाब में बताया गया कि 24 करोड़ रुपये में से 4 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है। इंदौर खंडपीठ ने 5 करोड़ रुपये की राशि वसूली करने पर रोक लगा रखी है। युगलपीठ ने संबंधित याचिकाएं सुनवाई के लिए मुख्यपीठ में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए थे।

याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि अभी तक 55 संस्थाओं से 7 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि वसूली गई है। अभी 37 संस्थाओं से 16 करोड़ रुपये की राशि वसूलना शेष है। हाईकोर्ट ने 10 करोड़ रुपये की राशि वसूली पर स्थगन आदेश जारी किया है। इसके अलावा 8 कॉलेजों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की गई है। युगलपीठ ने ग्वालियर खंडपीठ में दायर याचिका की स्थिति से अवगत करवाने के निर्देश जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक वागरेजा ने पैरवी की।
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