यूक्रेन में फंसी जबलपुर की छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
रूस-यूक्रेन वॉर के बीच जबलपुर की रहने वाली रिया पाठक और इशिता ठाकुर यूक्रेन में फंस गई हैं। दोनों ही छात्राएं एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गई थी। लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद दोनों को वापस आने का मौका नहीं मिला।
यूक्रेन के ऊपर रूस के हमले से दोनों छात्राओं के परिजन परेशान हैं। परिजन बेटियों से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर रहे हैं। रिया पाठक के परिजनों का कहना है कि बेटी जहां रूकी है वहां सुरक्षित है, लेकिन अगले एक दो दिन में ही वहां के हालात बिगड़ने लगेंगे, उसके पहले भारत सरकार को प्रयास करने चाहिए कि बच्चों की सुरक्षित वतन वापसी हो सके।
यूक्रेन में फंसे छात्रों के मामले पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि समस्या यूक्रेन के अंदर है। प्रधानमंत्री लगातार आपात बैठक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भी लगातार संपर्क में हैं। हमारे बच्चों का आना शुरू हो गया है दो बच्चे वापस भी आ गए हैं। जो बच्चे यूक्रेन में हैं उन सभी के नाम नंबर ट्रेस कर लिए गए हैं लगातार उनके संपर्क में हैं। जैसे ही फ्लाइट जाएगी, मध्य प्रदेश का जो बच्चा डिमांड करेगा उन सबको लाया जाएगा।
बता दें सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश के करीब 46 बच्चे इस वक्त यूक्रेन में फंसे हैं। जिनमें विदिशा की रहने वाली सृष्टि विल्सन, सागर का वेदांत खरे, सीहोर जिले के शुभम मेश्राम और दिव्या सिंह शामिल हैं। वहीं यूक्रेन में फंसी आफरीन खान कीव से आने वाली आखिरी फ्लाइट से गुरुवार रात ग्वालियर आ चुकी हैं।