सटोरियों के ठिकाने से बरामद रकम
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जबलपुर में पुलिस ने दो सटोरियों के ठिकानों पर दबिश देकर 52 लाख रुपये बरामद किए हैं। सट्टे का पूरा नेटवर्क दुबई से संचालित किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार दुबई में बैठकर ओपन वेब एक्सचेंज के माध्यम से सट्टा संचालित करने वाले सतीष सनपाल के केश कलेक्शन तथा का काम करने वाले उसके खास गुर्गे के दो ठिकानों में दबिश देकर पुलिस ने लगभग 52 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं। एक सप्ताह के अंदर इन दो कार्रवाईयों से सटोरियों में भय का माहौल है।
बता दें, दुबई से बैठकर पूरे देश में ऑनलाइन सट्टा का करोबार करने वाले सतीश सनपाल के राईट टाउन स्थित आर.के. टावर के चैम्बर नम्बर 203, 204 में संचालित कैश कलेक्शन सेंटर में 19 मई को दबिस दी गई थी। केश कलेक्शन सेंटर में अमित शर्मा व विवेक पांडे की देखरेख में कार्य होता था। पुलिस को केश कलेक्शन सेंटर से 21 लाख 55 हजार 600 रुपये नगद, 27 नग विभिन्न कम्पनियों की सील, 3 ऋण पुस्तिका, 07 नोटपेड जिसमें सट्टे के लेनदेन के लाखों का हिसाब-किताब, 34 नग चेक बुक, प्रॉपर्टी से संबंधित कागजात मिले थे।
इसके बाद पुलिस ने 23 मई सोमवार को सतीश के सबसे विश्वासपात्र दिलीप खत्री के रसल चौक स्थित चावला रेस्टॉरेंट तथा गोपाल मार्केट स्थित विवेक एजेन्सी में दबिश दी। पुलिस ने दोनों ठिकानों से 30 लाख 46 हजार रुपये नगद, 6 मोबाइल, नोट गिनने की मशीन,हिसाब-किताब की डायरी बरामद की थी। दिलीप खत्री जबलपुर से बाहर रहकर सटोरिये सतीष सनपाल के एक्सचेंज सैट स्पोर्टस डॉट कॉम की मास्टर आईडी लेकर बुकियों एवं खिलाड़ियों को उपलब्ध करवाकर तथा फोन पर बुकियों एवं खिलाड़ियों से रेट बोलकर सट्टा खिलवाता है।
धोखे से हड़पा रेस्टॉरेंट व मकान
महानद्दा निवासी मनिन्दर सिंह कंधारी ने पुलिस अधीक्षक सिध्दार्थ बहुगुणा से लिखित शिकायत की थी कि उसकी बीवी बीमार थी। इलाज के कारण वह अक्सर दिल्ली जाते रहते थे। उनका रसल चौक स्थित चांवला रेस्टॉरेंट जसनील चलाता था। बेटा दोस्तों के साथ आईपीएल सट्टा खेलने लगा था और उसे ब्याज सहित एक करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। दिलीप खत्री के भाई संजय खत्री ने रेस्टॉरेंट बेचने की लिखा-पढ़ी करवाते हुए बेटे के खाते में 35 लाख रुपये आरटीजीएस किये थे। अपने गुर्गों को साथ भेजकर उसने रकम खाते से निकाल ली थी। इसके बाद 40 लाख रुपये का लेन-देन भी इसी प्रकार बताया गया। बेटी की बीसी के 17 लाख रुपये भी उन्होंने ले लिये थे। इसके बाद दिलीप व संजय खत्री व उनके गुर्गों ने बंदूक की नोंक पर उनसे मकान व रेस्टॉरेंट की रजिस्ट्री करवा ली थी। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दोनों भाईयों, विवेक खत्री,हरीष मनानी तथा अंकित पमनानी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर रेस्टॉरेंट सील कर लिया है