मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में कथा वाचन करने वाले 50 से अधिक पंडितों ने हाईकोर्ट में शरण ली है। दायर याचिका में कहा गया है कि मां शारदा मंदिर प्रबंधन द्वारा कथा वाचन पर पचास रुपये लिए जाते हैं। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल घगट ने राशि वसूलने पर रोक लगाते हुए जिला कलेक्टर के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने के निर्देश दिए हैं। एकलपीठ ने कलेक्टर को विधि अनुसार कार्रवाई के निर्देश देते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
याचिकाकर्ता राजकिशोर तिवारी, केशरी नंदन त्रिपाठी सहित 56 व्यक्तियों की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में कथा वाचन का काम करते हैं। उनके पूर्वज भी मंदिर में आने वाले श्रध्दालओं को कथा सुनाने का काम करते थे। याचिका में कहा गया है कि मां शारदा मंदिर प्रबंधन ने एक आदेश जारी कर दिया है कि प्रत्येक कथा वाचन के लिए पंडितों को 50 रुपये देना होगा।
कथा सुनने के इच्छुक श्रध्दालु मंदिर प्रबंधन के माध्यम से पंडित के पास कथा सुनने आएंगे। याचिका में कहा गया है कि वे सालों से कथा वाचन कर अपने परिवार का पालन -पोषण कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन के अपनी आय का स्त्रोत बढ़ाने के लिए उक्त फरमान जारी किया है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की।