मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर और सिवनी जिले की पुलिस को बंधुआ मजदूरी कराने वाले दो आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल बरगी निवासी कमलाबाई, जमना प्रसाद और सिवनी निवासी गिरवर और लक्ष्मण की ओर से कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें परिजनों को मजदूरी कराने के बहाने बिना मेहनताना दिए बंधक बनाकर रखने की बात सामने आई थी। मामले की शिकायत के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आई, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विशाल धगत की एकलपीठ ने मजदूरों को बंधक बनाकर मजदूरी कराने वाले वीर सिंह उइके और महाराष्ट्र निवासी विक्रम सोलापुर पर कार्रवाई करने के लिए जबलपुर और सिवनी पुलिस को निर्देशित किया हैं।
हाईकोर्ट के निर्देश पर तहसीलदार की ओर से बंधक बनाए गए 17 मजदूरों को मुक्त कराकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। बता दें कि दोनों आरोपियों द्वारा जबलपुर के बरगी और सिवनी के धूमा क्षेत्र के मजदूरों से महाराष्ट्र के कोल्हापुर के ग्राम तेरसवाड़ी में बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी।