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जबलपुर: सूक्ष्म व लघु उद्यम सरलीकरण परिषद में सदस्यों की भर्ती नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने मांगा

Wed, 02 Feb 2022 01:27 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

एमएसईएफसी में सदस्यों की भर्ती नहीं किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि परिषद का कोरम पूरा नहीं होने के कारण विवादित प्रकरणों में सुनवाई सालों से लंबित है। 
 
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सूक्ष्म व लघु उद्यम सरलीकरण परिषद (एमएसईएफसी) में सदस्यों की नियुक्ति नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ और  जस्टिस पी के कौरव की युगल पीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 
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बोरगांव इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की तरफ से याचिका दायर की गई याचिका में कहा गया था कि सूक्ष्म व लघु मध्यम उद्यम विकास अधिनियम 2006 के तहत काउंसिल के गठन का प्रावधान है। काउंसिल के गठन का मुख्य उद्देश सूक्ष्म व लघु मध्यम उद्यम के तहत पंजीकृत व्यापारियों के विवाद को सुनना व निर्धारित समय अवधि में अंदर विवाद निराकृत करना था। याचिका में कहा गया था कि काउंसिल में कई पद रिक्त हैं। इसके अलावा काउंसिल के कई सदस्य सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं रहते हैं। कोरम पूरा नहीं होने के कारण प्रकरणों की सुनवाई वर्षों से लंबित है। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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