मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राजधानी भोपाल के बागसेवनियां इलाके में चार वर्षीय मासूम बच्ची पर कुत्ते के झुंड द्वारा हमला किए जाने वाले वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ और जटिस्ट पी के कौरव को बताया गया कि पूर्व में पारित आदेश का परिपालन करते हुए आवारा श्वानों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। युगलपीठ ने सरकार के आग्रह पर परिपालन रिपोर्ट पेश करने का समय प्रदान करते हुए अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की है।
दरअसल भोपाल के बागसेवनियां इलाके में पांच कुत्तों के झुंड ने एक बच्ची पर हमला कर दिया था। बच्ची ने दौड़कर खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ते उसे नीचे गिराकर नौंचने लगे। एक युवक ने कुत्तों पर पत्थर से हमला कर बच्ची को बचाया। कुत्तों के हमले से बच्ची के हाथ, पैर, कमर सहित शरीर के अन्य स्थानों में चोट आई थी।
याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने आवारा कुत्तों की रोकधाम तथा उनके हमलों से घायल व्यक्तियों के उपचार के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। युगलपीठ ने मुख्य सचिव सहित नगरीय प्रशासन व गृह विभाग के सचिव,कलेक्टर व निगमायुक्त को अनावेदक बनाया गया है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम भोपाल की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया था कि बच्ची का उपचार करवा दिया गया है और पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गयी है। इसके अलावा क्षेत्र के अवारा कुत्तों को पकड़ लिया गया है।
केन्द्र सरकार द्वारा 2001 में बनाये गये नियम अनुसार पकड़े गए कुत्तों को ऑपरेशन करने के बाद उसी क्षेत्र में छोड़ना पडता है। केरल में कुत्ते के हमले से हुए बच्चों की मौत के मामले की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी दिया दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सर्वोच्च न्यायालय में उक्त याचिका लंबित है। युगलपीठ ने आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए परिपालन रिपोर्ट पेश की। याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद युगलपीठ ने नगर निगम भोपाल को परिपालन रिपोर्ट पेश करने एक सप्ताह का समय प्रदान किया है।