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जबलपुर: याचिकाकर्ता की उपस्थिति सुनिश्चित करें पुलिस अधीक्षक, कॉस्ट की राशि जमा नहीं करने पर हाईकोर्ट सख्त

Sat, 19 Feb 2022 06:45 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

हाईकोर्ट ने कई अवसर देने के बाद भी कॉस्ट की राशि जमा नहीं करने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ फिर से दस हजार रुपये का जमानतीय वारंट जारी करते हुए उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने पुलिस अधीक्षक भोपाल को निर्देश जारी किए हैं।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस एमएस भट्टी की युगलपीठ ने कई अवसर देने के बाद भी कॉस्ट की राशि जमा नहीं करने को गंभीरता से लिया है। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता की उपस्थिति के लिए पूर्व में जमानतीय वारंट जारी किया गया था। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के खिलाफ फिर से दस हजार रुपये का जमानतीय वारंट जारी करते हुए उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने पुलिस अधीक्षक भोपाल को निर्देश जारी किए हैं।
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गौरतलब है कि एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने हाईकोर्ट में एक कॉलेज के संबंध में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका को आधारहीन मानते हुए याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई थी। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को कॉस्ट की राशि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा में कॉस्ट की राशि जमा नहीं करने पर हाईकोर्ट द्वारा उक्त याचिका पर सुनवाई प्रांरभ की गई।

 याचिका पर पूर्व में सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने कॉस्ट की राशि जमा करने के लिए तीस दिनों का समय प्रदान किया था। कॉस्ट की राशि जमा नहीं करने पर युगलपीठ ने अवमानना कार्यवाही की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बावजूद भी याचिकाकर्ता ने कॉस्ट की राशि जमा नहीं की थी। पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की उपस्थिति के लिए युगलपीठ ने उसके खिलाफ जमानतीय वारंट जारी किया था। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता युगलपीठ के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए हैं। 
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