इंदौर में पिछले दिनों जब तिरंगा यात्रा निकली, तब गोरा कुंड पर मुख्यमंत्री ने यात्रा रुकवाकर चाय पी थी।
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चार दुकानों ने लिया स्टार्टअप का रूप
चाय की दुकान यानी गुमटी या नुक्कड़ पर चाय दुकान ध्यान आ जाती है, पर अब चाय की दुकान भी एक बैठक और चर्चा का केंद्र हो गई है। इन दुकानों का स्वरूप ही बदल गया है। चाय भी कई फ्लेवरों में मिलने लगी है। इंदौर में करीब 10 हजार चाय की दुकानें हैं, जहां लोग चाय की चुस्कियों का आनंद लेते हैं। चाय की दुकानों ने एक स्टार्टअप का रूप ले लिया है।
इंदौर की चर्चित चाय दुकानें
इंदौर में चाय की दुकानें आजादी के पूर्व चर्चा की केंद्र बिंदु रही हैं। जहां आजादी के आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार की जाती थी। वर्तमान एमजी रोड का कॉफी हॉउस आज भी नगर के कई लोगों को याद है। नगर में राजवाड़े पर राज और कोहिनूर चाय की दुकानें रात भर खुली रहती थीं। टोरी कॉर्नर पर गिरि जी की चाय दुकान नगर के नेताओं की बैठक का स्थान हुआ करती थी। जवाहर मार्ग पर चेतना होटल, चाय की प्रसिद्ध दुकान थी थी।
इंडिया टी हाउस आजादी के दीवानों का था अड्डा।
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इंडिया टी हाउस पर आते थे दिग्गज नेता
इसी तरह बजाज खाना चौक में इंडिया टी हाउस प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सोशलिस्ट नेता स्व. हेमराज श्रीवास्तव संचालित करते थे। यह आजादी के दीवानों का मिलने का मुख्य केंद्र था। इनकी दुकान पर मामा बालेश्वर दयाल, राजनारायण, जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव और चंद्रशेखर जैसी हस्तियां आ चुकी हैं। नरसिंह बाजार चौराहे पर इंडिया होटल किसी समय चाय प्रेमियों का स्थान हुआ करती थी। समय बदला तो ये दुकानें अब इतिहास में दर्ज हो गईं। नगर में आज भी कई ऐसी चाय दुकानें हैं जहां लोग चाय पीने जाना पसंद करते हैं और वहां की चाय पीते ही हैं। इंदौर नगर वैसे भी प्रदेश की खाने-पीने की राजधानी है।