संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के रिजल्ट में इंदौर की आराधना चौहान ने एग्जाम क्लियर की है। ऑल इंडिया लेवल पर उनकी 251वीं रैंक आई है। मंगलवार को सिविल सर्विसेस परीक्षा 2023 का रिजल्ट घोषित हुआ। 26 साल की आराधना का यह सेकंड इंटरव्यू था। पहले इंटरव्यू में वह 20 नंबर से रह गईं थी। उनके पिता वरदीप सिंह चौहान रिटायर्ड अधिकारी हैं और मां रेखा हाउस वाइफ हैं। आराधना का जन्म रतलाम में हुआ है। वह तीन बहनों में सबसे छोटी हैं और उनका एक छोटा भाई है। वह 2010 में वह इंदौर में आईं। इंदौर के सिका स्कूल से उनकी स्कूलिंग हुई है। एनआईटी भोपाल से साल 2019 में बीटेक किया। पढ़ाई के बाद पुणे में एक साल आराधना ने जॉब की। यूपीएससी की एग्जाम भी दी लेकिन फिर जॉब छोड़ दी। तीन साल लगातार पढ़ाई की और एग्जाम को क्लियर किया।
इंटरव्यू में दिए रोचक जवाब
आराधना से इंटरव्यू में इंदौर पर भी कई सवाल पूछे गए। इंदौर स्वच्छता में नंबर 1 क्यों है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इंदौर में सौ प्रतिशत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन होता है लेकिन शहर को नंबर 1 बनने में इंदौर के लोगों का सबसे बड़ा रोल है। सामाजिक जागृति के बगैर यह संभव नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि अन्य शहर किस तरह से इंदौर को पीछे छोड़ सकते हैं? तो उन्होंने कहा कि अन्य शहरों को अपनी जनता को साथ लेना होगा। यदि जनता ठान ले तभी वह कुछ कर सकती है। हालांकि इंदौर से नंबर 1 का ताज छीनना इतना आसान नहीं है।
कैसे की पढ़ाई
आराधना ने परीक्षा के लिए सेल्फ स्टडी ही की। उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई की और नोट्स बनाए। यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए वे कहती हैं कि करंट अफेयर्स पर अधिक ध्यान दें। पॉलिटिक्स सहित अन्य विषयों की समझ रखें। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास सबसे अधिक जरूरी है। मैं भी इंटरव्यू में कुछ टेक्निकल सवालों के जवाब नहीं दे सकी लेकिन मैंने अपना आत्मविश्वास बराबर बनाए रखा। इसी वजह से मेरा चयन हुआ।