चालान कटने के बाद एक चालक को इस तरह का चालान मोबाइल पर आया।
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इंदौर में पिछले डेढ़ महीने के अंदर चौराहों पर लगे कैमरों से 52 हजार वाहन चालकों के चालान कट चुके हैं। उन्हें अब इसके मैसेज आना शुरू हो गए हैं और वे अपने चालान भरने के लिए एमटीएच स्थित ट्रैफिक थाने पर पहुंचने लगे हैं। इन 52 हजार में से अधिकतर वे लोग हैं जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था।
इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की कवायद के तहत पुलिस और जिला प्रशासन चौराहों पर कैमरे लगा रहा है। तीन नवंबर से शहर के चौराहों पर कैमरों से चालान कटना शुरू हो गए हैं। यह चालान दो प्रोसेस में तैयार होते हैं। पहला तो चौराहे पर कैमरे से ट्रेसिंग के बाद चालान जनरेट होता है और फिर उसकी पुष्टि ट्रैफिक थाने में की जाती है। यदि दोनों जगह चालक की गलती मिली तो चालान नेशनल परिवहन पोर्टल पर भेज दिया जाता है।
हेलमेट नहीं लगाया तो हर चौराहे पर बनेगा चालान, भरना पड़ेंगे पूरे पैसे
इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले चालक एक बार चालान भरने के बाद दिनभर में दूसरी गलती पर चालान नहीं भरता था। नई व्यवस्था के तहत यदि आपने हेलमेट नहीं पहना है और यदि आप पांच चौराहे से गुजरे हैं तो आपको पांच बार चालान भरना पड़ेगा यानी एक चौराहे के हिसाब से पांच सौ और पांच के हिसाब से 2500 रुपए लगेंगे।
सबसे अधिक हेलमेट के चालान
52 हजार चालान में से 70 प्रतिशत चालान उन लोगों के हैं जिन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था। बाकि अन्य चालान में वे लोग हैं जिन्होंने रेड सिग्नल पर गाड़ी निकाली, तीन लोग बाइक पर बैठाए या रांग साइड गाड़ी चलाई।
पहले मैसेज के बाद चालान भरने न आएं
यदि आपको चालान कटने का पहला मैसेज आता है तो आप चालान की राशि भरने के लिए ट्रैफिक थाने पर न जाएं। 15 दिन के बाद आपको दूसरा मैसेज आएगा और 16वें दिन आप चालान भर सकते हैं। लोग पहले मैसेज के बाद में ही चालान भरने जा रहे हैं और परेशान हो रहे हैं।
नई व्यवस्था बहुत कारगर
ट्रैफिक एसीपी संजय सिंह पवार ने बताया कि कैमरों से लोगों के चालान काटे जा रहे हैं। यह व्यवस्था बहुत कारगर है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में इससे बहुत मदद मिलेगी। शहरवासियों को ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए गाड़ी चलाना चाहिए। नियम तोड़ने पर तुरंत कार्ऱवाई होगी।
कैसे भरना है चालान
चालन https://itmschallan.parivahan.gov.in/ वेबसाइट पर जाकर Online भरा जा सकता है या फिर ट्रैफिक थाने एमटीएच में जाकर भी चालान भरा जा सकता है।