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Indore: मकान के लिए खोदे गड्ढे में डूबा तीन साल का मासूम, पिता कई दिनों से मकान मालिक को चेता रहा था

Mon, 24 Jul 2023 06:51 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

- सो रहे नगर निगम के अधिकारी और जा रही मासूमों की जान, बिल्डंग अफसर ने भी नहीं दिया लगातार हो रही लापरवाही पर ध्यान
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मासूम की गड्ढे में डूबने से गई जान। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही मासूमों की जान ले रही है। लसूड़िया इलाके में मकान निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से एक तीन साल के मासूम की मौत हो गई। निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया और पिता के चेताने के बावजूद मकान मालिक ने गड्ढा नहीं भरा। कुछ दिन के बाद ही तीन साल का बच्चा खेलते खेलते गड्ढे में फिसलकर गिर गया और उसकी जान चली गई। बच्चा करीब एक घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा। जब माता पिता को पता चला तो उन्होंने उसे बाहर निकाला और एमवाय अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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लसूड़िया पुलिस के मुताबिक घटना निरजंनपुर इलाके की है। यहां रहने वाले तीन साल के रितिक वशंकार की डूबने से मौत हो गई। पिता छोटू ने बताया कि शाम को खेलते हुए बेटा कहीं गायब हो गया। पत्नी पूनम घर में खाना बना रही थी। करीब सात बजे पत्नी को ध्यान आया तो बेटे को आसपास ढूंढा। तब वह गड्ढे में पड़ा मिला। उसे निकालकर अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पिता ने मकान मालिक को चेताया था
छोटू ने बताया कि वह मूल रूप से अशोक नगर के सेमाटोरा गांव का रहने वाला है। दो माह पहले ही यहां आकर किराए से रहने लगा था। उसके घर के नजदीक कई दिनों से मकान निर्माण के चलते गड्ढे खुदे हुए थे। उसने बारिश की वजह से गड्ढे में पानी भर जाने के चलते मालिक को गड्ढा भरवाने के लिए भी कहा था लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। छोटू मजदूरी करता है। रितीक का एक पांच माह का भाई है। वहीं बड़ा भाई आदित्य अपने दादा-दादी के साथ गांव में रहता है। पुलिस लापरवाही को लेकर जांच कर रही है।
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