फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: 22 डूब प्रभावित परिवारों की जमीन पर था अतिक्रमण, अब मिलेंगे 60-60 लाख, तीन दिन बाद सत्याग्रह खत्म

Thu, 20 Apr 2023 07:22 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

विजय नगर क्षेत्र के नर्मदा भवन  में बड़वानी, धार, अलीराजपुर, खरगोन जिले के प्रभावित परिवारों बसों में भरकर आए।  इस भीड़ मेें धार तहसील के 22 परिवार वे थेे, जिन्हें जमीन के बदले जो जमीन मिली। उस पर पहले से अतिक्रमण था।
विज्ञापन
मेधा पाटकर के साथ आंदोलनकारियों ने सत्याग्रह किया। - फोटो : amar ujala digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरदार सरोवर बांध के कारण डूब क्षेत्र के कुछ प्रभावितों को पर्याप्त आवजा नहीं मिला। उनकी समस्याएं लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन नेत्री मेधा पाटकर ने इंदौर के नर्मदा भवन पर सत्याग्रह किया। विभिन्न मांगों के निराकरण पर सहमति बनने के बाद पांच सत्याग्रहियों ने तीन दिन बाद सत्याग्रह समाप्त किया।

विजय नगर क्षेत्र के नर्मदा भवन में बड़वानी, धार, अलीराजपुर, खरगोन जिले के प्रभावित परिवारों बसों में भरकर आए। आलथी-पालथी मारकर वे घंटों तक बैठे रहे और निमाड़ी बोली में गीत गा रहे थे। इस भीड़ मेें धार तहसील के 22 परिवार वे थेे, जिन्हें जमीन के बदले जो जमीन मिली। उस पर पहले से अतिक्रमण था। वे कब्जा नहीं ले पाए। आंदोलनकारियों की बात सुन रहे संभागायुक्त पवन शर्मा ने परिवारों से बात की और कहा कि नियमानुसार 60-60 लाख रुपयेे की राशि इन परिवारों को दी जाएगी।

विज्ञापन


मेधा ने संभागायुक्त से कहा कि पीडि़त परिवारों की समस्याएं जिलों के अफसर नहीं सुनते। इस पर संभागायुक्त ने चार जिलों के कलेक्टरों को प्रभावितों के लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश जारी किए। आंदोलनकारियों ने कहा कि जिस प्रभावितों को जमीन मिली है। उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इस मुद्दे पर भी अफसरों ने आश्वासन दिया है। धरना समाप्त करने के बाद आंदोनलकारियों ने संभागायुक्त पवन शर्मा के पक्ष में नारे भी लगा दिए। इसके बाद प्रभावित बसों में बैठकर अपने अपने गांवों की तरफ लौट गए। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें