पांच साल पहले 36 लाख की लागत से बने राजवाड़ा के म्यूरल को हटाया जा रहा है।
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इंदौर की शान कहे जाने वाले राजवाड़ा का म्यूरल इन दिनों चर्चा में है। उसे पांच साल पहले विमानतल के सामने लगाया गया था। अब उसे नगर निगम ने हटाने का फैसला लिया है। पांच साल पहले उसके निर्माण पर 36 लाख रुपये खर्च हुए थे। कांग्रेस इसे हटाए जाने के मुद्दे को हवा देने की तैयारी कर रही है।
पांच साल पहले भाजपा सरकार ने इंदौर में इन्वेस्टर्स समिट कराई थी। तब इंदौर विकास प्राधिकरण ने शहर के सौंदर्यीकरण पर काफी रुपये खर्च किए थे। विमानतल के सामने लगी राजवाड़ा के म्यूरल की तब काफी चर्चा हुई थी, क्योकि उसके निर्माण में प्राधिकरण ने 36 लाख रुपये खर्च किए थे। कांग्रेस ने इतनी राशि खर्च करने पर प्राधिकरण को कटघरे में खड़ा किया था और लोकायुक्त में शिकायत की थी। तब यह दावा किया गया था कि राजवाड़ा का म्यूरल विशेष केमिकल से तैयार किया गया है और वह सालों तक खराब नहीं होगा। अब शहर में जनवरी में अप्रवासी सम्मेलन होने जा रहा है और निगम कमिश्नर प्रतिमा पाल ने एयरपोर्ट के सामने से राजवाड़ा के म्यूरल को हटाने के निर्देश दे दिए। इसके बाद 36 लाख में बना राजवाड़ा का म्यूरल फिर चर्चा में है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद दि्वेदी ने कहा कि ओरिजनल राजवाड़ा 200 साल पहले चार लाख रुपये में बना था। पांच साल पहले उसकी प्रतिकृति पर इंदौर विकास प्राधिकरण ने 36 लाख रुपये खर्च कर दिए। अब उसे हटाना पड़ रहा है, ताकि पोल न खुले। जनता के पैसे की इस तरह बर्बादी नहीं होना चाहिए। राजवाड़ा का म्यूरल का रखरखाव भी नहीं किया जा रहा है। आखिर किस बात के 36 लाख रुपये तब खर्च किए गए थे।
सहमति से शिफ्ट कर रहे है
राजवाड़ा का म्यूरल जब लगाया गया था। तब सांसद शंकर लालवानी इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे। इस बारे में उन्होंने कहा कि राजवाड़ा का म्यूरल हमारी सहमति से ही नगर निगम हटा रहा है। एयरपोर्ट के सामने निगम एक दीवार बना रहा है। राजवाड़ा का म्यूरल दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।