शास्त्री ब्रिज के कई हिस्से हो चुकेे है खतरनाक।
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इंदौर का सबसे पुराने शास्त्री ब्रिज हर दिन लाखों वाहनों का बोझ उठा रहा है, लेकिन अब उसकी उम्र पूरी हो चुकी है। ब्रिज के कई हिस्से जर्जर है। नया ब्रिज बनाने की सुगबुगाहट भी ए दिन उठती रहती है, लेकिन इस चक्कर में नगर निगम पुराने ब्रिज की मरम्मत भी नहीं कर रहा है। इस लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैै।
इस ब्रिज का 70 साल पहले हुआ था। शहर में रहने वाले कई लोगों की पीढि़यां इस ब्रिज का उपयोग कर रही है। शहर के ट्रैफिक के बढ़ते दबाव के कारण कुछ वर्षों पहले पटेल ब्रिज बनाया गया था, लेकिन फिर भी शास्त्री ब्रिज से ट्रैफिक लोड़ कम नहीं हुआ।
शास्त्री ब्रिज अब मरम्मत मांग रहा है। ब्रिज के फुटपाथ कई हिस्सों में धंस रहे हैै। बिजली का एक खंबा एक माह से आधा टूटकर गांधी हाॅल उद्यान में पड़ा है। रैैलिंग वाले हिस्से में कई जगह दरारें आ चुके है। पैदल यात्रियों के लिए चढ़ने वाली एक सीढ़ी टूट गई है और उसके सरिए खतरनाक तरीके से बाहर निकाले हुए है।
नगर निगम की सलाहकार समिति के अतुल शेठ का कहना है कि पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़कर नया शास्त्री ब्रिज बनाने की बात भी उठ रही है,लेकिन सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर यह फैसला लेना होगा, क्योकि पहले ब्रिज का वैकल्पिक मार्ग जरुरी है। पहले चार लेन नया ब्रिज बनाया जाए, फिर पुराने ब्रिज को तोड़कर चारलेन नया बनाना चाहिए।