सड़क पर पार्क होती है हंस ट्रेवर्ल्स की बसें।
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फीडर रोड प्रोजेक्ट के तहत दस साल पहले आंबेडकर प्रतिमा से नेहरु प्रतिमा तक करोड़ रुपये खर्च कर नगर निगम ने सड़क बनाई, ताकि शहरवासियों को सुविधा मिले, लेकिन उस सड़क का फायदा हंस ट्रेवर्ल्स उठा रहा है। शहरवासी तक बसों के पीछे लगने वाले ट्रैफिक जाम में फंसे रहते है और व्यवस्था को कोसते रहते है। शनिवार को सड़क पर खड़ी बसों की पार्किंग की वजह से ट्रैफिक जाम लगा हुआ।
वाहन चालक आधे घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे, लेकिन कोई अफसर यातायात बहाल करने नहीं आया। ढक्कनवाला कुआं रोड पर आधा किलोमीटर हिस्से में वाहनों की कतार लगी हुई थी।रविवार को दिन में भी वैसे ही नजारा था। 100 फीट चौड़ी सड़क के 15-15 फीट हिस्से पर हंस ट्रेवर्ल्स की चार बसों ने कब्जा जमा रखा था। दो बसें चार घंटे तक सड़क पर खड़ी रही और सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहन सड़क के बचे हिस्से से गुजरते रहे। बसों के खड़े रहने के कारण वहां दूसरे चालक अेावर टेक भी नहीं कर पा रहे थे।
सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर के मरीजों को भी परेशानी
जिस जगह हंस ट्रेवर्ल्स की बसें कब्जा जमाकर खड़ी रहती है। ठीक उसके पास सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर हैै, जहां दिन में कई बार सायरन बजाती हुई एम्बुलेंस आती है। दुकानदारों ने बताया कि बसों के कारण लगने वाले जाम के कारण कई बार तो एम्बुलेंस भी समय पर सेंटर तक नहीं पहुंच जाती है। इस मार्ग दो और भी अस्पताल है, फिर भी ट्रैफिक जाम की वजह बने ट्रेवर्ल्स पर ट्रैैफिक विभाग के अफसरों द्वारा एक्शन न लिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बसों की पार्किंग से बाधित होने वाले यातायात से मार्ग के व्यापारी भी परेशान है। उनका कहना है कि हंस वालों की बस रात दिन खड़ी रहती है। बसों की छतों के उपर भी माल लोड होता है और लोडिंग रिक्शा और ठेलों में भरकर सामान आता है। ठेले और रिक्शा भी बसों के आसपास खड़े रहकर ट्रैफिक जाम की वजह बनते हैै। कई बार ट्रैफिक विभाग के अफसरों से बसों के सड़क पर पार्क होने की शिकायत की जाती है, लेकिन वर्षों से इस सड़क को अवैध पार्किंग से मुक्ती नहीं मिली।
मामला संज्ञान में आया है जांच करेंगे
इस मामले में ट्रैफिक डीसीपी मनीष अग्रवाल ने कहा कि बसों के खिलाफ ट्रैफिक विभाग रोज एक्शन ले रहा है। क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठने पर बसें जब्त कर रहे है। सड़क पर हंस ट्रेवर्ल्स की बसें पार्क होने का मामला संज्ञान में आया है। मौके पर टीम भेजकर बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।