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प्रियंका गांधी का नया रूप: राम, हनुमान, गणेश और महाकाल का जिक्र, जनता को रामायण-महाभारत के किस्से सुनाए

Wed, 08 Nov 2023 07:45 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में प्रियंका गांधी Priyanka Gandhi ने एक जनसभा की और एक रोड शो किया। इसके साथ उन्होंने सांवेर, कुक्षी, खातेगांव में भी जनसभाएं की। अपने अधिकतर भाषणों में उन्होंने भगवान का नाम लेकर अपनी बात शुरू की। भाषण में कई धार्मिक घटनाओं का भी जिक्र किया।
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इंदौर में प्रियंका ने धर्म की कई बातें की और जनता को रामायण महाभारत के किस्से सुनाए। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर पहुंची प्रियंका गांधी Priyanka Gandhi का नया रूप चर्चा में है। उन्होंने यहां पर जितने भी कार्यक्रम किए अधिकांश की शुरुआत भगवान का नाम लेकर की। यहां तक की कई धार्मिक घटनाओं का जिक्र भी अपने भाषणों में किया। जनता को हनुमान बताया और कहा कि अब आपको ही भ्रष्टाचार से घिरी भाजपा सरकार को गिराकर कांग्रेस की सरकार वापस लाना है। 
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कब कहां क्या बोला

1. सोमवार को पहले कार्यक्रम में महाभारत का जिक्र किया। धार जिले के कुक्षी के डही में प्रियंका गांधी ने कहा कि अर्जुन अपनी नजर और ध्यान को केंद्रित कर तीर चलाते थे, इसी तरह अपने वोट को चलाओ। तीर सही लगने से आपका भविष्य मजबूत बन सकता है।

2. इसके बाद इंदौर की विधानसभा पांच में जनसभा की। सभी की शुरुआत भगवान गणेश के जयकारे से की। इसके बाद महाकाल और ओंकारेश्वर का जिक्र कर कहा कि यह धर्म की नगरी है। इन्हीं सब से इंदौर की पहचान है। 
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3. सांवेर में उल्टे हनुमान मंदिर का जिक्र किया। कहा कि इस मंदिर से क्षेत्र की पहचान है। 

4. इसके बाद सांवेर में प्रियंका ने भाजपा की तुलना अहिरावण से की। कहा कि अहिरावण ने जिस तरह भगवान राम और लक्ष्मण जी से छल किया उसी तरह जनता के साथ भी कुछ बहरूपियों ने छल किया। आपकी चुनी हुई सरकार चोरी की और उसे भ्रष्टाचार लोक में ले गए। अगर आज आप हनुमान नहीं बनेंगे, तो यहां से जो छल शुरू हुआ, उसे कौन ठीक करेगा? इस घटना का जिक्र कर उन्होंने यहां से भाजपा के प्रत्याशी तुलसी सिलावट पर निशाना साधा जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में चले गए और सरकार गिरा दी। 

5. सांवेर में ही कहा कि जो उसूल और परंपराएं रामायण के समय से हमारे देश में चली आ रही हैं, महात्मा गांधी जी भी उन्हीं उसूलों पर चलते थे। श्री राम वनवास चले गए, लेकिन जनता श्री राम को ही राजा के रूप में देखना चाहती थी। इसलिए जब हम अपने नेता का चुनाव करें, तो उसमें हमेशा प्रभु श्री राम के उसूलों को ढूंढना चाहिए।
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