इंदौर में खेले जा रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच को देखने पहली बार होलकर राजपरिवार के प्रिंस रिचर्ड होलकर भी आए। बुधवार को उन्होंने होलकर स्टेडियम में एक नई परंपरा की शुरुआत की। रिचर्ड ने एमपीसीए अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर के साथ पीतल की घंटी बजाकर टेस्ट मैच की शुरुआत की। ऐसा होलकर स्टेडियम में पहली बार हुआ।
इंदौर की पूर्व होलकर रियासत के प्रमुख सदस्य अपने ही परिवार के नाम पर बने होलकर स्टेडियम में मैच देखने आए थे। इस मौके पर रिचर्ड होलकर ने अमर उजाला से खास बातचीत की। उन्होंने कहा, 'आज स्टेडियम में मैच देखकर 70 साल पुरानी यादें ताजा हो गईं, जब मैं पिता यशवंत राव होलकर (इंदौर के पूर्व महाराजा) के साथ मैच देखने यशवंत क्लब जाता था और कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से मिलता था। मेरे पिताजी को क्रिकेट बहुत पसंद था। वे मुझे तब के बड़े क्रिकेटर सीके नायडू, मुश्ताक अली, सरवटे, जगदाले, भाया, रांगणेकर से मिलवाया करते थे।'
मुझे घुड़सवारी का शौक
रिचर्ड होलकर ने कहा कि वह पढ़ाई करने अमेरिका चले गए थे। उन दिनों वहां क्रिकेट का चलन नहीं था। अब अमेरिका जाएं तो वहां कई क्रिकेट टीमें मिल जाएंगी। मुझे घुड़सवारी पसंद है।
खेल गतिविधियों को मिले बढ़ावा
रिचर्ड ने इंदौर में खेल गतिविधियों के बारे में कहा कि यहां क्रिकेट के और क्लब होना चाहिए, जहां बेहतर प्रशिक्षण मिले। फुटबाल के खिलाड़ी भी तैयार होना चाहिए। देश की आबादी 135 करोड़ से ज्यादा की हो गई है, लेकिन फुटबाल का एक भी अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी नहीं है। इस पर गौर करने करना चाहिए। मैंने प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से भी इस बारे में बात की।
राजपरिवार ने दी थी जमीन
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को होलकर राजपरिवार ने ही यह स्टेडियम बनाने के लिए जमीन दी थी, इसलिए स्टेडियम का नाम भी होलकर स्टेडियम रखा गया है। राजपरिवार के सम्मान में स्टेडियम में उषा राजे होलकर और सतीश मल्होत्रा गेट भी बनाया गया है। रिचर्ड के पिता यशवंत राव होलकर ने खुद होलकर टीम बनाई थी और उसमें अच्छे खिलाड़ी शामिल हो, इसका ध्यान भी दिया। कई बड़े खिलाड़ियों को उन्होंने दूसरे शहरों से लाकर इंदौर में बसाया। आजादी के पहले तक होलकर स्टेट टीम भारतीय टीम कहलाती थी। इस टीम ने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों की यात्राएं की थीं और अच्छा प्रदर्शन कर टीम का नाम रोशन किया था। तब कैप्टन मुश्ताक अली और एमएम जगदाले इस टीम के चर्चित खिलाड़ी माने जाते थे।