पुलिस ने दिलीप पांडेय और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया है।
- फोटो : अमर उजाला
इंदौर शहर में ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को चिन्हित किया है। मामले में पुलिस ने अब तक दिलीप पांडेय और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के कार्यालय पर दबिश दी थी। यहां से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूरे मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले छह बैंक खातों का पता चला है।
ये भी पढ़ें-
एमपी: मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक की गोली लगने से मौत, पुनर्वास के बाद देश में पहली बार चीते की हत्या
पुलिस के मुताबिक, ठगी के मामले में शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले दिलीप पांडेय को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के कार्यालय पर दबिश दी। जांच के दौरान दिलीप पांडेय के सहयोगियों के रूप में 11 लोगों को चिन्हित किया गया। इनमें शुभम शर्मा, अहमद राजा, भरत भूषण, नरेश, विजेंद्र, अमित, रमनदीप, नरेंद्र और योगेश सहित अन्य नाम शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में शुभम शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य चिन्हित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि ठगी के तरीके, संपर्कों और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
जांच के दौरान पुलिस को छह बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनमें एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन खातों में जमा रकम, लेन-देन और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित ठगी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों और बैंक खातों के लेन-देन की पड़ताल के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस अन्य चिन्हित आरोपियों की भूमिका और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।