इंदौर में 2015 में 17 वर्षीय कृष्णा की हत्या का 12 साल बाद खुलासा हुआ है। पुलिस ने लूट के इरादे से हत्या करने वाले अकील और आरिफ को गिरफ्तार किया। तीसरे आरोपी परवेज की मौत हो चुकी है।
इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में 11 साल पहले वर्ष 2015 में हुए 17 वर्षीय कृष्णा के अंधे कत्ल का पुलिस ने 12 साल बाद खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या और लूट के मामले में दो आरोपियों अकील उर्फ नाईट्रा और आरिफ को गिरफ्तार किया है। वहीं, वारदात में शामिल तीसरे आरोपी परवेज की मौत हो चुकी है। गौर करने वाली बात ये है कि अकील उर्फ नाइट्रा पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जेल में हुए विवाद के दौरान उसके कबूलनामे से पुलिस को अहम सुराग मिला।
पुलिस ने अकील और आरिफ को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो दोनों ने कृष्णा की हत्या और लूट की वारदात कबूल कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कृष्णा को उसकी मोटरसाइकिल से लिफ्ट देने के बहाने खजराना बायपास के पास सुनसान मैदान में पहुंचाया था। वहां तीनों ने नशा किया। इसके बाद आरोपियों ने कृष्णा से सोने का लॉकेट, चांदी की चेन-पेंडल और नकदी लूट ली। कृष्णा ने लूट का विरोध किया तो अकील ने उसके गले पर चाकू से चार वार कर दिए। ज्यादा खून बहने से कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपियों ने मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्यों को जलाकर घटना छिपाने की कोशिश की और मौके से फरार हो गए। खजराना पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब आरोपियों से लूटे गए सामान और वारदात में इस्तेमाल अन्य सामग्री बरामद करने की कार्रवाई कर रही है।