प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांधी जयंती के दिन यानी 02 अक्टूबर को आईआईटी इंदौर के अकादमिक पॉड्स का उद्घाटन करेंगे। वह कार्यक्रम में ग्वालियर से ऑनलाइन शामिल होंगे और पीएम-अजय योजना के तहत छात्रावास और संस्थान के आधारभूत संरचना के विकास के तीसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे।
शैक्षणिक भवन, जिन्हें पॉड्स कहा जाता है, लगभग 44,000 वर्ग मीटर में फैले हुए हैं। यह लगभग 128.9 करोड़ रुपए की लागत से बने हैं। इन भवनों में विभिन्न प्रयोगशालाएं और शैक्षणिक विभागों के कार्यालय शामिल हैं। संस्थान की प्रयोगशालाएं एनईपी 2020 के अनुरूप अंतःविषय पाठ्यक्रम और कार्यक्रमों पर जोर देती हैं। आईआईटी इंदौर ने 21वीं सदी के ज्ञान समाजों और उनकी आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अपने शैक्षणिक कार्यक्रम, अनुसंधान पहल और आउटरीच गतिविधियां विकसित की हैं।
भविष्य में विवाहित छात्रों के लिए भी बनेंगे छात्रावास
विश्व स्तर पर सोचें, विश्व स्तर पर कार्य करें के मंत्र के साथ, आईआईटी इंदौर सीखने और अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बन रहा है।
संस्थान PM-AJAY (प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना) के तहत बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना के तहत 250 छात्रों के छात्रावास का निर्माण भी शुरू करेगा। इससे संस्थान सभी अनुसूचित जाति के छात्रों को आवास शुल्क में छूट प्रदान करेगा। संस्थान जल्द ही अपने परिसर विकास का तीसरा चरण भी शुरू करेगा। इस चरण को काफी विस्तृत बनाने की योजना है और इसमें एक परिष्कृत लैब कॉम्प्लेक्स, एक अकादमिक पॉड, छात्रावास और संकाय और विवाहित छात्रों के आवास का विकास भी शामिल होगा।