गौतमपुरा के गुड़ बाजार निवासी यश पिता चिमन नामदेव (22) का 13 जून को फांसी लगाने से देहांत हो गया था। देहांत के बाद उसका मोबाइल चेक करने पर उसमें फांसी लगाते हुए यश का वीडियो मिला। यश ने खुद यह वीडियो बनाया था, जिसमें वह कह रहा था अब मैं मरने जा रहा हूं मेरे पैसे रिफंड करो। उसके बाद जब मोबाइल खंगाला तो मालूम हुआ कि वह टेलीग्राम के टास्क 13सी ग्रुप में 11 जून को जुड़ा था। जिसमें टास्क देने का सिस्टम था। वीडियो में फांसी के फंदे पर झूलते गौतमपुरा के यश नामदेव (22) के आखिरी शब्द थे कि अब मैं मरने जा रहा हूं मेरे पैसे रिटर्न करो।
कैसे फंसा यश
यश 11 जून को टेलीग्राम पर टास्क ग्रुप-13सी में जुड़ा था। उसे ग्रुप में पैसे डबल करने की स्कीम बताई गई। उसने ग्रुप के एक सदस्य को पैसे ट्रांसफर किए। शुरु के टास्क के बाद उसके पैसे डबल होने लगे। पांच छह हजार तक पैसे डबल हुए। बाद में यश ने एक बड़ा अमाउंट 1 लाख 30 हजार रु. का डाला। इसके बाद ग्रुप के मेंबर ने कहा कि दो लाख डालोगे तो पैसे मिलेंगे। तब यश को लगा कि उसके साथ धोखा हुआ है। जब यश ने रुपए वापस मांगे तो ग्रुप के सदस्य ने कहा कि पहले टास्क पूरा करो तभी रुपए वापस मिलेंगे। जब युवक ने कहा कि अब टास्क पूरा नहीं कर पाऊंगा तो ग्रुप के सदस्यों ने रुपए देने से इनकार कर दिया। इसके बाद युवक ने ग्रुप पर ही खुद का फांसी लगाते हुए VIDEO डाला व आत्महत्या कर ली।
दुकान के पैसे लगा दिए
यश के परिजन ने बताया कि अपने परिवार की दुकान भी संभालता था। वहीं से वह पैसा लेता था और इस टास्क ग्रुप में इन्वेस्ट करता चला गया। जब अपनी जमा पूंजी और दुकान से लिए रुपए खत्म हो गए तो वह तनाव में आ गया। इसी के बाद उसने सुसाइड कर लिया।
हैदराबाद की लैब जाएगा मोबाइल
पुलिस हैदराबाद लैब में भी मृतक यश के मोबाइल को जांच के लिए भेजेगी। उसी से पता चलेगा कि जिस ग्रुप में वह टास्क पूरे कर रहा था, उसे कौन चला रहा था।